आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए सोनभद्र पुलिस को ऑपरेशन शुद्धि के तहत बड़ी कामयाबी मिली है। करमा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दो कारों में छिपाकर ले जाए जा रहे 118 किलो 670 ग्राम गांजे के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है, जबकि तस्करी में इस्तेमाल महिंद्रा एक्सयूवी-500 और मारुति सुजुकी ब्रेजा समेत पांच मोबाइल फोन व नकदी को मिलाकर कुल बरामदगी का मूल्य करीब 95 लाख रुपये आंका गया है। प्रारंभिक पूछताछ में ओडिशा के सुंदरगढ़ से गांजा लाकर मीरजापुर में आपूर्ति किए जाने की बात सामने आई है। शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तस्करी के स्रोत, संभावित खरीदारों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस को देखकर वापस मुड़ने लगीं कारें, घेराबंदी में पकड़े गए आरोपी –
एएसपी ऋषभ रुणवाल के मुताबिक, 15 अक्टूबर की रात प्रभारी निरीक्षक करमा कमलेश पाल और एसओजी प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ग्राम करनवाह जाने वाले तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हिन्दुआरी की ओर से आ रही दो कारें पुलिस को देखकर तिराहे से करीब 50 मीटर पहले ही वापस मुड़ने लगीं। संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क हुई पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रात करीब 11:15 बजे दोनों वाहनों को रोक लिया।
वाहनों में सवार तीन लोगों से पूछताछ के बाद तलाशी ली गई तो गांजा तस्करी का मामला सामने आया। महिंद्रा एक्सयूवी-500 के पिछले हिस्से में स्टेपनी के नीचे गांजा छिपाया गया था, जबकि ब्रेजा कार के पिछले और बीच वाले हिस्से में टेप से लिपटे छोटे-छोटे पैकेट रखे गए थे। तलाशी में कुल 118 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों कारों को कब्जे में लेते हुए पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 8,280 रुपये नकद भी बरामद किए।
ओडिशा से मीरजापुर तक खेप पहुंचाने की थी योजना –
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के एक व्यक्ति के कहने पर गांजा लेकर मीरजापुर जा रहे थे। वहां बताए गए लोगों तक खेप पहुंचाई जानी थी। आरोपियों के मुताबिक, गांजा और वाहनों की व्यवस्था भी उसी व्यक्ति ने की थी। खेप पहुंचाने के बदले प्रत्येक आरोपी को 15 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूर्व में भी गांजा पहुंचाने की बात बताई है। रास्ते के खर्च के लिए उन्हें कुछ धनराशि दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। चेकिंग की आशंका में आरोपी पहले वापस मुड़े और चोपन की ओर चले गए, लेकिन बाद में मीरजापुर जाने के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
सुंदरगढ़ के तीन आरोपी गिरफ्तार –
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विश्वजीत बारिक उर्फ कानू (29वर्ष), निवासी पुराना जोल्डा, सुंदरगढ़; रविन्द्र नायक (47वर्ष), निवासी गंजू बस्ती, सेक्टर-03, सुंदरगढ़; और मोहम्मद दानिश आलम (29वर्ष), निवासी रेलवे कॉलोनी, राउरकेला, ओडिशा के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना करमा में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस अब गांजे की आपूर्ति करने वाले व्यक्ति, मीरजापुर में संभावित खरीदारों और तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। बरामद मोबाइल फोन से भी जांच में अहम सुराग मिलने की संभावना है।
ये पुलिसकर्मी रहे शामिल –
इस दौरान कमलेश पाल, प्रभारी निरीक्षक, थाना करमा, राम स्वरूप वर्मा, प्रभारी निरीक्षक, एसओजी, उ0नि0 मनोज सिंह थाना करमा, हे0का0 विवेक गिरी, हे0का0 संदीप सिंह, का0 रविकांत यादव थाना करमा, हे0का0 राजेश यादव, का0 रितेश पटेल, का0 सत्यम पाण्डेय, का0 अजीत कुमार, का0 जय प्रकाश सरोज एसओजी टीम शामिल रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





