राहुल गांधी के आवास पर विपक्ष की बैठक के बाद CEC के इस्तीफे की मांग, तेजस्वी बोले- मोदी-शाह के इशारे पर कुचला जा रहा लोकतंत्र

SHARE:

नई दिल्ली। दिल्ली में ‘चलो दिल्ली’ मार्च के बाद मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं, सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों की एक उच्चस्तरीय चाय पर बैठक (हाई-टी मीटिंग) संपन्न हुई, जिसमें विपक्षी दलों ने सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि दिल्ली में पहली बार युवा और आम नागरिक अपनी पहल पर इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित वोट चोरी की योजना को पूरी तरह समझ चुकी है और अब हर कोई इसके खिलाफ आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारों पर काम करते हुए सीईसी ने देश के लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि ‘इंडिया’ ब्लॉक पूरी ताकत और एकजुटता के साथ मैदान में डटा हुआ है तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका यह संघर्ष जमीनी स्तर से लेकर संसद तक लगातार जारी रहेगा। विपक्षी दलों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और आंदोलन थमने वाला नहीं है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और जियाउर्रहमान बर्क ने भी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के फैसलों के जरिए लोगों से उनके मताधिकार को छीनने की साजिश रची जा रही है, जिसके खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट होकर जनता के हक की यह लड़ाई लड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर एक बड़ा मार्च निकाला था, जिसके बाद विपक्ष के 11 शीर्ष नेताओं ने चुनाव आयोग के एसआईआर से जुड़े विवादास्पद फैसलों को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इस याचिका में 14 तकनीकी खामियां निकालते हुए याचिकाकर्ताओं से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाए जाने के औचित्य पर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बावजूद विपक्षी गठबंधन ने साफ कर दिया है कि वे कानूनी मोर्चे के साथ-साथ राजनीतिक और जन आंदोलनों के जरिए अपनी इस लड़ाई को और अधिक तेज करेंगे। मंगलवार की इस अहम बैठक में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, संजय राउत, सौगत रॉय, महुआ माझी और डी. राजा सहित ‘इंडिया’ गठबंधन के कई दिग्गज नेता शामिल रहे।

Navhind Samachar
Author: Navhind Samachar

नव हिन्द समाचार भारत की एक अग्रणी एवं बहुभाषी समाचार एजेंसी है। इसका प्रमुख कार्य अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रादेशिक, स्थानीय स्तर पर घटित घटनाओं एवं साहित्य, कला, संस्कृति, धर्म, आध्यात्म, अर्थ, व्यापार, खेल, विज्ञान, तकनिक, मनोरंजन, स्वास्थ्य व कानून आदि से जुड़े खबरों को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया को उपलब्ध कराना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Recent

Follow Us Now