Sonbhadra News : नीतीश तिवारी मौत मामले में दो युवकों पर गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी, जांच शुरू

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

• निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ हो सख्त कार्यवाही – डॉ0 धर्मवीर तिवारी

सोनभद्र । कोन थाना क्षेत्र के चेरवाडीह में सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में अचेत मिले युवक नीतीश तिवारी उर्फ बाटा की मौत के मामले में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता ललित तिवारी निवासी केवाल की तहरीर पर चेरवाडीह निवासी आनंद जायसवाल उर्फ सोनू पुत्र रामजनम जायसवाल और लोकेश पासवान पुत्र सुरेंद्र पासवान को नामजद किया गया है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार की देर शाम नीतीश तिवारी अपनी बहन के घर चेरवाडीह गया था। कुछ ही देर बाद वह बहन के घर के सामने सड़क किनारे सिर में गंभीर चोट के साथ खून से लथपथ अचेत अवस्था में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोन लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पहले से विवाद और धमकी का लगाया आरोप –

मृतक के पिता ललित तिवारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उनके पुत्र का गांव के ही दोनों युवकों से पिछले कई महीनों से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि दोनों युवकों ने उनके पुत्र को पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी।

पिता ने आशंका जताई कि मंगलवार की शाम चेरवाडीह में विवाद के बाद उन्हीं दोनों युवकों ने नीतीश के साथ मारपीट की और सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसे सड़क पर फेंक दिया गया। हालांकि पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

निष्पक्ष जांच की मांग लेकर पहुंचे भाजपा नेता –

मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ0 धर्मवीर तिवारी गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कोन पहुंचे और पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की।

डॉ0 धर्मवीर तिवारी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष विवेचना किसी दूसरे थाने की पुलिस से कराई जानी चाहिए, ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। उन्होंने कहा कि घटना में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्यवाही होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

बताते चलें कि पीड़ित परिवार की ओर से लगातार मामले को उठाए जाने और डॉ0 धर्मवीर तिवारी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने गुरुवार दोपहर बाद दोनों नामजद आरोपियों आनंद जायसवाल और लोकेश पासवान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस अब घटना के कारणों, मृतक और नामजद युवकों के बीच विवाद तथा चोट लगने की परिस्थितियों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

इस दौरान भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व संयोजक मनीष अग्रहरि, मंडल अध्यक्ष रामलाल चेरो, बृजकुमार जायसवाल, रमेश चौबे और हृदय पांडेय समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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