आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सदर तहसील में एसडीएम आशीष कुमार त्रिपाठी की कार्यप्रणाली से नाराज होकर पिछले आठ दिनों से चल रहा लेखपालों का अनवरत कार्य बहिष्कार और धरना आज आखिरकार समाप्त हो गया। जिलाधिकारी की मध्यस्थता और एडीएम, एसडीएम व तहसीलदार के साथ लेखपाल संघ की वार्ता के बाद विभिन्न मांगों पर सहमति बनने के पश्चात संघ ने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया, इसके साथ ही पिछले आठ दिनों से तहसील परिसर में चल रहे गतिरोध का फिलहाल पटाक्षेप हो गया।
लेखपाल संघ उपशाखा तहसील राबर्ट्सगंज की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में बताया गया कि संगठन के पदाधिकारियों और उप जिलाधिकारी/तहसीलदार राबर्ट्सगंज के बीच हुई वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनी है। इसके बाद संघ ने सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार और धरना स्थगित कर दिया।
दण्डात्मक कार्यवाही समाप्त करने पर सहमति –
संघ की ओर से बताया गया कि लेखपाल संवर्ग के सदस्यों के खिलाफ की गई समस्त दण्डात्मक कार्यवाहियों को समाप्त किया जाएगा साथ ही कार्य बहिष्कार के दौरान बाधित किए गए दिनों का वेतन भी नहीं रोका जाएगा। यह सहमति आंदोलनरत लेखपालों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा लेखपालों ने सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से उनकी छवि धूमिल किए जाने पर भी आपत्ति जताई थी। वार्ता में भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देने पर सहमति बनी है। संघ के मुताबिक किसी भी लेखपाल के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गंभीर शिकायत पर पहले होगी जांच –
सहमति के अनुसार भविष्य में किसी लेखपाल के खिलाफ गंभीर शिकायत प्राप्त होने पर कार्रवाई शुरू करने से पहले संघ के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी और शिकायत की वास्तविकता की जांच कराई जाएगी। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर लेखपालों और तहसील प्रशासन के बीच समन्वय बनाए रखने की कोशिश की गई है। वहीं, लेखपाल रामचन्द्र के खिलाफ की गई विभागीय कार्यवाही को भी उनके निर्दोष पाए जाने के बाद समाप्त किए जाने की बात संघ की ओर से कही गई है। इन्हीं बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद लेखपाल संघ ने अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
मांगों पर सहमति के बाद आंदोलन किया गया स्थगित –
लेखपाल संघ तहसील राबर्ट्सगंज के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी की मध्यस्थता के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में संघ की मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। संजय कुमार सिंह के मुताबिक, सहमतिके बाद फिलहाल कार्य बहिष्कार और धरना स्थगित कर दिया गया है तथा लेखपाल अब अपने कार्य पर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि संघ कर्मचारियों के सम्मान और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी संगठनात्मक स्तर पर अपनी बात रखता रहेगा।
आठ दिन से बना था गतिरोध –
बताते चलें कि एसडीएम सदर की कार्यप्रणाली से नाराज लेखपाल पिछले आठ दिनों से तहसील परिसर में धरना देकर कार्य बहिष्कार कर रहे थे। लेखपालों की प्रमुख मांग एसडीएम के तबादले को लेकर थी। आंदोलन के दौरान प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी थी। एक दौर में सदर तहसीलदार भी धरनास्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे थे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही थी।
लगातार बढ़ते गतिरोध के बीच जिलाधिकारी ने मामले में हस्तक्षेप किया। इसके बाद एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार स्तर पर संघ के पदाधिकारियों के साथ वार्ता हुई और विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद बुधवार को लेखपालों ने कार्य बहिष्कार और धरना स्थगित कर दिया।






