आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• कल से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर जायेंगे संविदाकर्मी
सोनभद्र । समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर काला फीता बांधकर काम किया और वर्षों से लंबित मांगों के समर्थन में शासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में जिलेभर के एनएचएम कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
वहीं जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने कहा कि “एनएचएम के हजारों संविदा कर्मचारी करीब 18 से 20 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद वर्षों की सेवा के बाद भी उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सेवा सुरक्षा और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से एक ही विभाग में निरंतर सेवाएं देने के बावजूद संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण उन्हें सेवा संबंधी असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।”
8 से 10 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार और धरना –
जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि “आंदोलन के अगले चरण में 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय के साथ-साथ संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य बहिष्कार एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किए बिना कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज शासन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।”
जिलाध्यक्ष ने जनपद के सभी एनएचएम कर्मचारियों से आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों में एकजुट होकर सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें केवल वेतन या सेवा सुविधा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वर्षों की सेवा, अनुभव और सम्मानजनक सेवा शर्तों से जुड़ी हैं। संघ मांगों के समाधान तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।






