सोनभद्र। जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि के कारण रेणुकूट स्थित रिहंद बांध के तीन गेट और ओबरा डैम के चार गेट खोलकर 20,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि कनहर बांध के 12 गेट खोलकर 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी की निकासी की जा रही है। इसके साथ ही धंधरौल और नगवां बांध का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया है, जिसके चलते नगवां बांध के 7 गेट खोलने पड़े हैं। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के बाणसागर से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद चोपन क्षेत्र में सोन नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है। नदी का तेज बहाव और लगातार बढ़ता जलस्तर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भारी चिंता का कारण बना हुआ है।
बारिश के कारण शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मधुपुर में बारिश और नालियों का पानी लोगों के घरों में घुसने से भारी तबाही मची है, वहीं ओबरा नगर क्षेत्र के भी कई निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। राबर्ट्सगंज नगर पालिका क्षेत्र की सड़कों पर लबालब पानी भरने के कारण दर्जनों घरों में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए नदी और बांधों के किनारे लोगों की भारी भीड़ जमा हो रही है। चोपन में सोन नदी के तेज बहाव के बीच छोटे-छोटे बच्चों को नहाते हुए देखा गया, जो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है।
बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तटीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए अभिभावकों से कहा है कि वे बच्चों और मवेशियों को बांधों तथा उफनाती नदियों के आसपास बिल्कुल न जाने दें। प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्रों में मुस्तैद रहकर निगरानी कर रही हैं और नदी किनारे बसी बस्तियों को हर स्थिति का सामना करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।





