लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून के रौद्र रूप ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को मध्य प्रदेश की सीमा से सटे 9 जिलों में अति भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जबकि कानपुर, रायबरेली, वाराणसी सहित 18 अन्य जिलों में गर्जना के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मंगलवार को प्रयागराज में सर्वाधिक 192 मिमी की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जिससे पूरा शहर जलमग्न नजर आया। इसके अलावा बिजनौर में 162 मिमी, संभल में 150 मिमी और सोनभद्र में 123 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 19 से 23 अगस्त के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों और विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों में भारी से अति भारी बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग द्वारा प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, महोबा और आसपास के इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, हमीरपुर, ललितपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, औरैया, जालौन और झांसी में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर, लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के 13 जनपदों के 173 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे करीब 84 हजार से अधिक लोग और 13 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने मंगलवार को समीक्षा बैठक कर जिलाधिकारियों को प्रभावितों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री वितरित करने के कड़े निर्देश दिए।
शासन स्तर पर मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत बाढ़ राहत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य में अब तक 1,589 बाढ़ चौकियां और 1,263 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जहां से 4,845 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के बीच 15 हजार से अधिक खाद्यान्न पैकेट और 30 हजार से अधिक लंच पैकेट बांटे गए हैं। स्वास्थ्य व स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए 724 मेडिकल टीमें, 534 एम्बुलेंस, क्लोरीन टैबलेट्स और ओआरएस पैकेट प्रभावित क्षेत्रों में लगातार वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित 6 हजार से अधिक मवेशियों के इलाज और टीकाकरण के लिए पशु चिकित्सा टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





