सोनभद्र के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन: विंध्य संस्कृति शोध समिति ने मनाया स्वतंत्रता दिवस, प्रेक्षागृह में काव्य संध्या से बंधा समां

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रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर संस्कृति, साहित्य और कला के संवर्धन में जुटी संस्था ‘विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट’ के प्रधान कार्यालय में ध्वजारोहण एवं एक विशेष संगोष्ठी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। संगोष्ठी में संस्था के संस्थापक एवं निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने उपस्थित अतिथियों व प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मिली आजादी पूर्वजों के असीम त्याग, बलिदान और तपस्या का प्रतिफल है।

उन्होंने सोनभद्र के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनपद में कई ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं, जिनका नाम आज भी सरकारी सूचियों में दर्ज नहीं हो सका है, लेकिन राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने रॉबर्ट्सगंज नगर के मोहनलाल गुप्ता का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने बलराम दास के नेतृत्व में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सरकारी कार्यालयों में पोस्टर चिपकाए व पर्चे बांटे थे, जिसके जुर्म में दरोगा पुरुषोत्तम सिंह द्वारा उन्हें भयानक यातनाएं दी गईं और नगर से निष्कासित कर दिया गया। जिसके बाद उन्हें 6 महीने तक बिहार की राजधानी पटना में छिपकर दिन बिताने पड़े थे।

निदेशक दीपक केसरवानी ने बताया कि आजादी के दौर में मिर्जापुर के दक्षिणांचल के रूप में पहचाने जाने वाले सोनभद्र में दुद्धी नगर की एकमात्र महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थीं, जिन्होंने क्रांतिकारियों का खुलकर सहयोग किया। पुलिस ने उनका घर जब्त कर सारा सामान नीलाम कर दिया, जिसके चलते उन्हें जंगलों में शरण लेनी पड़ी थी। उन्होंने आजादी की इस जंग में स्थानीय आदिवासियों की अद्भुत भूमिका को भी नमन किया, जो महात्मा गांधी के संदेशों और दूर-दराज के आंदोलनों की खबरों को जंगलों व बीहड़ों तक फैलाते थे। स्वतंत्रता दिवस की शाम को ‘देश के नाम’ समर्पित करते हुए नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन सोनभद्र के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में एक भव्य कवि सम्मेलन व संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें मंचासीन कवियों ने अपनी ओजस्वी व देशभक्तिपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह के दौरान मुख्य मंच से इतिहासकार व पत्रकार दीपक कुमार केसरवानी, मंच संचालक भोलानाथ मिश्र, पत्रकार मुनी महेश शुक्ला, जुल्फिकार हैदर अली, कवि सुशील राही, अमरनाथ ‘अजेय’, दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ’, राकेश शरण मिश्रा, मनोकामना शुक्ल ‘पथिक’, आशुतोष पांडेय, आलोक तिवारी, जयराम सोनी, धर्मेश चौहान, ईश्वर बिरागी, अब्दुल हई, कवयित्री रचना तिवारी, अनुपम वाणी, कौशल्या कुमारी चौहान और बाल कवयित्री सृजा को भोजपुरी के वरिष्ठ गीतकार जगदीश पंथी द्वारा माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं सम्मान सूचक लेखनी भेंट कर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार पारस मिश्रा की अध्यक्षता और नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुए इस गरिमामयी कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी विनय सिंह, ईओ मुकेश कुमार, पूर्व पालिका अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, विमल अग्रवाल, रविंद्र केसरी, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष पुष्पा सिंह व गुड़िया सहित नगर के कई वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और विशिष्ट नागरिक मौजूद रहे। बंकिम चंद्र चटर्जी रचित ‘वंदे मातरम’ के गान के साथ शुरू हुआ यह भव्य कार्यक्रम गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Nhs News agency
Author: Nhs News agency

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