चुर्क (सोनभद्र)। राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय चुर्क को वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपना नया और स्थायी भवन तो नसीब हो गया, लेकिन अस्पताल तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग की बदहाली ने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। मुख्य सड़क से नवनिर्मित अस्पताल परिसर तक जाने वाली करीब 300 मीटर लंबी सड़क इस कदर जर्जर हो चुकी है कि मानसून की पहली बारिश शुरू होते ही यह पूरा रास्ता गहरे कीचड़ में तब्दील हो गया है। इस बदहाल रास्ते के कारण अस्पताल आने वाले बीमार मरीजों, उनके तीमारदारों और खुद अस्पताल के डॉक्टरों व चिकित्सा स्टाफ को रोजाना भारी फजीहत और कठिनाइयों का सामना करते हुए जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले इस राजकीय अस्पताल का संचालन स्थानीय पंचायत भवन में अस्थायी और बेहद संकीर्ण रूप से किया जाता था। इसके बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाई और वर्ष 2025 के अक्टूबर माह से इस नए और सर्वसुविधायुक्त सरकारी भवन में चिकित्सा सेवाएं नियमित रूप से शुरू की गईं। अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. आनंद नारायण ने समस्या की गंभीरता को बताते हुए कहा कि इस 300 मीटर की जर्जर सड़क के पक्के निर्माण और डामरीकरण के लिए ग्राम प्रधान पुष्पा देवी के प्रतिनिधि रामप्रवेश यादव और क्षेत्रीय विधायक भूपेश चौबे को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, मगर अफसोस कि लंबे समय के बाद भी अब तक धरातल पर कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
रास्ते की इस भयानक बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी लाचार बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग मरीजों को हो रही है, जिन्हें कीचड़ के बीच से होकर या दूसरों के सहारे अस्पताल के मुख्य द्वार तक पहुंचना पड़ रहा है। कई बार मरीज और उनके परिजन इस दलदल नुमा रास्ते पर फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। ग्रामीणों ने पुरजोर मांग की है कि मरीजों के हित और सुगम चिकित्सा सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस 300 मीटर की संपर्क सड़क का निर्माण युद्ध स्तर पर कराया जाए, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.





