सोनभद्र पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’ लाया रंग: गुजरात से सकुशल बरामद हुई गुमशुदा महिला और दो मासूम बच्चे, परिजनों के खिले चेहरे

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सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में गुमशुदा व्यक्तियों की सकुशल बरामदगी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत शक्तिनगर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के कुशल निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक शक्तिनगर सत्येन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद एक गुमशुदा महिला और उसके दो मासूम बच्चों को गुजरात से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिला दिया है। अपनों को दोबारा अपने बीच पाकर परिवार के सदस्यों की आंखें खुशी से छलक उठीं और उन्होंने सोनभद्र पुलिस की इस तत्परता व मानवीय कार्य के लिए सहृदय आभार व्यक्त किया है।

पूरे मामले की जानकारी देते हुए शक्तिनगर थाना प्रभारी ने बताया कि थाने पर पंजीकृत बाहवाला रिपोर्ट संख्या-33 एवं गुमशुदगी क्रमांक-08/2026 के तहत कोहरौलिया निवासी करीब 35 वर्षीय अमृत देवी और उनके दो मासूम बेटों, 6 वर्षीय प्रतीक तथा 4 वर्षीय कार्तिक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तीनों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी और साक्ष्य जुटा रही थी। विवेचना के दौरान पुलिस टीम को तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के जरिए उनके गुजरात में होने की अहम सुराग मिले। इसके बाद सोनभद्र पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए गुजरात के सूरत ग्रामीण जनपद के थाना करोदरा की पुलिस से संपर्क साधा और एक संयुक्त समन्वय स्थापित किया। दोनों राज्यों की पुलिस के समन्वित व त्वरित प्रयासों के परिणामस्वरूप महिला और दोनों बच्चों को सूरत से सकुशल ढूंढ निकाला गया।

बरामदगी के बाद पुलिस टीम तीनों को विधिक प्रक्रिया के तहत सकुशल वापस जनपद सोनभद्र लेकर आई, जहां परिजनों की मौजूदगी में उनकी विधिवत पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या आपराधिक तथ्य प्रकाश में नहीं आया है। आवश्यक कागजी और विधिक कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत तीनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस सराहनीय और सफल बरामदगी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय, बीना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव और कांस्टेबल अरुण कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे। पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्यवाही की न केवल पीड़ित परिवार बल्कि क्षेत्र के आम नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा भी भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।

Harsh Vardhan
Author: Harsh Vardhan

7 years experience in the field of journalism.

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