विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना को रफ्तार: प्रयागराज के 73 गांवों में जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज, जिलाधिकारी ने स्थलीय सत्यापन के लिए नियुक्त किया नोडल अधिकारी

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प्रयागराज। प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित महत्वाकांक्षी विंध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण की दिशा में एक बड़ी प्रगति देखने को मिली है। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए प्रयागराज जनपद के कुल 73 गांवों में जमीन अधिग्रहण की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत वर्तमान में एक्सप्रेस-वे के तय एलाइमेंट यानी रास्ते के दायरे में आने वाले सभी गांवों की जमीनों का गहन स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। इस बेहद महत्वपूर्ण और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट के निर्माण से प्रयागराज की तीन प्रमुख तहसीलें प्रभावित होंगी, जिनमें सोरांव तहसील के 23 गांव, फूलपुर तहसील के 24 गांव और हंडिया तहसील के 26 गांव शामिल हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना को गति देने के लिए इन 73 गांवों में स्थलीय सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के उपरांत भूमि क्रय का अंतिम प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी को एक आधिकारिक पत्र भेजा है।

यूपीडा से पत्र प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने इस वृहद कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने के लिए एडीएम वित्त और राजस्व विनीता सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए यूपीडा की ओर से विंध्य एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट से संबंधित विस्तृत मानचित्र और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण प्रतियां जिला प्रशासन को मुहैया करा दी गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा तय योजना के अनुसार इनमें से एक प्रति को जनपद मुख्यालय और दूसरी प्रति को संबंधित तहसील मुख्यालय में पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि तीसरी प्रति को संबंधित क्षेत्र के लेखपाल को स्थलीय सत्यापन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। स्थलीय जांच और सत्यापन की इस प्रक्रिया के दौरान यदि गांवों की सीमाओं में किसी भी प्रकार की भिन्नता, विसंगति या तकनीकी त्रुटियां सामने आती हैं, तो राजस्व टीम द्वारा उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा और उसके बाद एक संशोधित प्रस्ताव तैयार कर यूपीडा को वापस भेजा जाएगा।

इसके साथ ही प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट के बीच में आने वाले सभी राजकीय भवनों, सरकारी विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों आदि के विस्थापन व निस्तारण की कार्यवाही जनपद स्तर पर ही समन्वय बनाकर पूरी की जा सके। जिला प्रशासन अपने स्तर से जमीनों से जुड़े मामलों की गहन कानूनी जांच भी करा रहा है ताकि यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिग्रहित की जाने वाली किसी भी भूमि के संबंध में कोई भी पुराना या नया विवाद किसी न्यायालय में विचाराधीन न हो। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से प्रयागराज और सोनभद्र के बीच की दूरी बेहद कम हो जाएगी और विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिसके चलते शासन और प्रशासन दोनों ही इस परियोजना को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए पूरी गंभीरता से जुटे हुए हैं।

Navhind Samachar
Author: Navhind Samachar

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