सैदपुर (गाजीपुर)। गाजीपुर जनपद के सैदपुर कोतवाली अंतर्गत मुरादचक गांव में सोमवार की सुबह एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पान व किराना दुकानदार सुरेंद्र कश्यप ने बिजली विभाग के भारी-भरकम बिल और बकाया वसूली की प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक के शव के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट (कागज का टुकड़ा) बरामद हुआ है, जिसमें स्पष्ट शब्दों में लिखा था कि ‘हम बिजली विभाग से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं।’ इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए मृतक के बड़े पुत्र सूरज कुमार ने बताया कि उनके 50 वर्षीय पिता सुरेंद्र कश्यप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर के पास एक गुमटी रखकर पान बेचने का काम करते थे, जबकि मुरादचक गांव स्थित अपने मूल आवास पर जीविकोपार्जन के लिए किराना की एक छोटी सी दुकान चला रहे थे। सूरज ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग ने उनकी छोटी सी दुकान पर करीब 1.12 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया दिखाकर वसूली के लिए फाइल तहसील भेज दी थी। विभाग द्वारा करीब नौ महीने पहले ही आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) काटी गई थी, जिसकी वसूली के लिए तहसील के अमीन लगातार उनके घर आ रहे थे। मृतक के पुत्र का संगीन आरोप है कि अमीन और विभागीय कर्मियों को सुविधा शुल्क (रिश्वत) देने पर कुछ समय की राहत दे दी जाती थी, लेकिन पैसा न देने पर उसके पिता को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित और तंग किया जाता था।
मृतक की पत्नी शांति देवी ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि इस भारी-भरकम बकाए और बार-बार मिलने वाली धमकियों के कारण उनके पति की मानसिक स्थिति काफी समय से ठीक नहीं चल रही थी। वे दिन-रात बिजली के बिल के भुगतान को लेकर गहरे डिप्रेशन और चिंता में डूबे रहते थे। रविवार की रात भी उन्होंने ठीक से खाना नहीं खाया और परिवार के किसी भी सदस्य को भनक तक नहीं लगी कि उन्होंने कब और किस वक्त घर के भीतर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। शांति देवी ने बताया कि अत्यंत गरीबी की स्थिति में किसी तरह छोटी सी दुकान चलाकर पूरे परिवार का गुजारा हो रहा था। घर में दो जवान पुत्रियां हैं, जिनकी अभी तक शादी नहीं हुई है। पूरा परिवार पेट काटकर और एक-एक रुपया जुटाकर बेटियों के हाथ पीले करने की तैयारी में जुटा था, लेकिन बिजली विभाग की इस कठोर कार्रवाई और प्रताड़ना ने उनके घर के मुखिया को ही उनसे हमेशा के लिए छीन लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सैदपुर के अधिशासी अभियंता सुधाकर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उपभोक्ता पर बिजली का 1.12 लाख रुपये का वैध बकाया था, जिसके चलते नियमानुसार वसूली के लिए तहसील में आरसी भेजी गई थी और उसकी विधिक वसूली के लिए ही अमीन वहां जाते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिजनों द्वारा बिजली विभाग पर लगाए गए मानसिक प्रताड़ना और रिश्वतखोरी के तमाम आरोपों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी। वहीं, सैदपुर कोतवाल अनिल सिंह ने मामले की प्रगति बताते हुए कहा कि पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। हालांकि परिजनों की ओर से अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत और गहन कानूनी छानबीन कर रही है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





