उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ जिला, जो अब तक अपने पारंपरिक ताला और हार्डवेयर उद्योग के लिए दुनिया भर में मशहूर था, अब रक्षा क्षेत्र की अत्याधुनिक और हाईटेक तकनीक का एक बड़ा केंद्र बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बेंगलुरु की जानी-मानी डिफेंस रिसर्च एवं टेक्नोलॉजी कंपनी ‘न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज’ (एनआरटी) ने यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड में मानव रहित विमान यानी यूएवी (ड्रोन) निर्माण इकाई स्थापित करने की अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। राज्य सरकार की ओर से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कंपनी को करीब 3.5 एकड़ भूमि भी आवंटित कर दी गई है। एनआरटी देश की अग्रणी निजी रक्षा अनुसंधान कंपनियों में शुमार है, जिसे हाल ही में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय से सोलर पावर्ड (सौर ऊर्जा से चलने वाले) यूएवी की आपूर्ति का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण ऑर्डर मिला है। ऐसे में अलीगढ़ में लगने वाली इस नई फैक्टरी को यूपी डिफेंस कॉरिडोर की अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
औद्योगिक और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश केवल एक नई फैक्टरी की स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का सीधा संकेत है कि अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में अब वास्तविक औद्योगिक गतिविधियां धरातल पर उतरने लगी हैं। अब तक इस कॉरिडोर को लेकर सिर्फ निवेश प्रस्तावों और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर ही चर्चा होती थी, लेकिन अब उत्पादन इकाइयों की स्थापना और निर्माण कार्य शुरू होने से यह पूरी परियोजना जमीन पर आकार लेती दिखाई दे रही है। कंपनी की इस प्रस्तावित इकाई में न केवल आधुनिक ड्रोन बनाए जाएंगे, बल्कि उनसे जुड़ी विश्वस्तरीय प्रणालियों का भी विकास किया जाएगा। आज के दौर में सेना की निगरानी, सीमा सुरक्षा, खुफिया जानकारी जुटाने और आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यूएवी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे देखते हुए इस निवेश को देश की सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अलीगढ़ नोड में इस बड़ी डिफेंस कंपनी की एंट्री से स्थानीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए भी तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। चूंकि ड्रोन विनिर्माण में बड़ी संख्या में प्रिसिजन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, मेटल फैब्रिकेशन और बेहतरीन सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है, इसलिए यहां के स्थानीय उद्योगों को इस ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के इंजीनियरिंग व तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हजारों युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए दरवाजे खुलेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर पलायन भी रुकेगा।
यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सभी छह नोड्स में शामिल अलीगढ़ को शुरू से ही एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना रही है, जहां कई बड़ी एयरोस्पेस कंपनियों ने अपनी रुचि दिखाई है। औद्योगिक जानकारों का साफ कहना है कि यदि एनआरटी की यह परियोजना तय समय सीमा के भीतर आगे बढ़ती है, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में अलीगढ़ की पहचान सिर्फ पारंपरिक ताले तक ही सीमित नहीं रहेगी। यह शहर देश के नक्शे पर रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस और सोलर ड्रोन तकनीक के एक बड़े और आधुनिक हब के रूप में अपनी अमिट पहचान स्थापित कर लेगा।





