उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 सिपाही और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए आगामी 8 से 10 जून तक होने वाली लिखित परीक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए साफ किया है कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर कलावा और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक चिह्नों को पहनने पर कोई पाबंदी नहीं होगी और इन्हें काटने या हटवाने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए स्मार्ट गैजेट्स जैसे स्मार्टफोन, ब्लूटूथ डिवाइस और स्मार्ट वॉच आदि ले जाने पर पूरी तरह सख्ती बरती जाएगी। भर्ती बोर्ड के डीजी एसबी शिरडकर की अध्यक्षता में रविवार को सभी 75 जिलों के नोडल अधिकारियों, आब्जर्वर्स और कंट्रोल रूम प्रभारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में परीक्षा की तैयारियों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
डीजी भर्ती बोर्ड ने बताया कि यह परीक्षा प्रदेश के सभी 75 जिलों के 1183 केंद्रों पर बेहद कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएगी, जिसमें 32,679 पदों के लिए 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी भाग्य आजमाएंगे। परीक्षा को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बोर्ड द्वारा एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है, जिसका धरातल पर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी को मजबूत करते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा, परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी का आधार सत्यापन और ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के लिए ‘आइरिश आधारित बायोमेट्रिक जांच’ (आंखों की स्कैनिंग) जैसे आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। महिला अभ्यर्थियों की गरिमा का ध्यान रखते हुए उनकी चेकिंग केवल एनक्लोजर के भीतर महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही की जाएगी। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और नीले या काले पेन के अलावा कोई सामग्री साथ न लाएं और यथासंभव जूते-मोजे के स्थान पर चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र पर आएं।
बैठक में अधिकारियों को विशेष रूप से उन आधुनिक उपकरणों के प्रति आगाह किया गया है जिनमें स्मार्ट कनेक्टिविटी की सुविधा छिपी होती है। निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा केंद्र के भीतर ऐसे किसी भी ‘मेटा चश्मे’ या ‘स्मार्ट पेन’ को कतई न ले जाने दिया जाए, जिनमें डेटा ट्रांसफर या कनेक्टिविटी की क्षमता हो। मोबाइल फोन या ब्लूटूथ डिवाइस को परीक्षा कक्ष तक पहुंचने से रोकने के लिए चेकिंग में विशेष सजगता बरतने को कहा गया है। यहां तक कि केंद्र पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और परीक्षकों को भी अपना मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही स्वच्छता का ध्यान रखते हुए हर केंद्र को परीक्षा से पहले और प्रत्येक पाली के खत्म होने के बाद पूरी तरह सैनिटाइज किया जाएगा। डीजी ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि परीक्षा केंद्रों पर भारी संख्या में तैनात पुलिस बल अभ्यर्थियों की सख्ती से फ्रिस्किंग (चेकिंग) करेगा। यदि कोई भी अवांछित तत्व अनुचित साधनों या संदिग्ध उपकरणों के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उसे परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा और कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





