महिला बनकर हाईवे पर लूट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस मुठभेड़ में चार शातिर बदमाश गिरफ्तार

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चंदौली:  जनपद की पुलिस और स्वाट व एसओजी टीम ने एक संयुक्त और बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईवे पर राहगीरों को अपना निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय लुटेरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस सीधी मुठभेड़ में आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि घेराबंदी कर गिरोह के कुल चार आरोपियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार किए गए इन बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद की है। इस गिरोह के पकड़े जाने से हाईवे पर होने वाली वारदातों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि बीते 17 मई को अमेठी के रहने वाले ज्ञानेंद्र तिवारी ने थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार भगवानपुर नहर के पास चार अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार को जबरन रुकवाया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट करते हुए 42 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात को गंभीरता से लेते हुए थाना चंदौली में तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और लुटेरों की धरपकड़ के लिए स्वाट व एसओजी सहित कई टीमें गठित कर जांच शुरू की गई। इसी क्रम में रविवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली कि घटना में शामिल बदमाश किसी बड़ी वारदात की फिराक में भगवान तालाब के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थाना चंदौली पुलिस और स्वाट टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने बचने के लिए पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बिहार के मोहनिया निवासी शातिर अपराधी उपेंद्र यादव के पैर में गोली लग गई और वह वहीं ढेर हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

इसके साथ ही पुलिस टीम ने मौके से भागने का प्रयास कर रहे गिरोह के अन्य तीन सदस्यों को भी कुशलतापूर्वक दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में सैयदराजा थाना क्षेत्र के दुधारी निवासी मंजय कुमार, लोहिया नगर निवासी बहादुर ठठेरा और आजाद नगर निवासी मुस्तफा शामिल हैं। पुलिस कस्टडी में हुई कड़ाई से पूछताछ में इन शातिर अपराधियों ने लूट की जिस अनूठी और खौफनाक कार्यप्रणाली का खुलासा किया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपियों ने कुबूल किया कि वे हाईवे और सुनसान कट्स पर राहगीरों को जाल में फंसाने के लिए अक्सर महिला का भेष धारण कर लेते थे या फिर सड़क किनारे गाड़ी खराब होने अथवा मदद मांगने का बहाना बनाकर वाहनों को रुकवाते थे। जैसे ही कोई सीधा-साधा वाहन चालक इंसानियत के नाते गाड़ी रोकता, ये सभी मिलकर उसे हथियारों के बल पर बंधक बना लेते और मारपीट कर उसकी नकदी व कीमती सामान लूटकर चंपत हो जाते थे।

पुलिस ने जांबाज कार्रवाई के बाद इन आरोपियों के पास से एक अवैध असलहा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और वारदात से जुड़े कुछ नकद रुपये बरामद किए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुठभेड़ में घायल हुए मुख्य आरोपी उपेंद्र यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पड़ोसी राज्य बिहार के विभिन्न थानों में लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और अन्य संगीन अपराधों के कई गंभीर मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में स्वाट और स्थानीय पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित व सटीक कार्रवाई को चंदौली जिले में अपराध नियंत्रण और हाईवे सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

Vinod Garg
Author: Vinod Garg

2 years experience in the field of journalism.

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