बलरामपुर: जनपद के कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा मामला सामने आया है, जहां पुलिस की बड़ी लापरवाही और जल्दबाजी के चलते एक जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत मान लिया गया। जिस व्यक्ति का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर परिजनों से अंतिम संस्कार तक करवा दिया, वह कुछ घंटे बाद खुद सही-सलामत अपने पैरों पर चलकर घर लौट आया। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद जहां परिजनों की आंखें फटी की फटी रह गईं, वहीं पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अब पुलिस उस अज्ञात शव की नए सिरे से शिनाख्त करने में जुट गई है जिसका अंतिम संस्कार किया जा चुका है।
घटनाक्रम के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के पटेल नगर निवासी लगभग 55 वर्षीय मुस्तफा मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जाते हैं, जो अक्सर बिना बताए घर से निकल जाते थे और कई-कई दिनों तक लापता रहते थे। इसी बीच शनिवार को देवरिया मैनहा मार्ग के किनारे एक गड्ढे में करीब पांच से छह दिन पुराना एक अत्यधिक क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान मुस्तफा के लापता होने से परेशान उनके भाई शमीम अहमद भी मौके पर पहुंचे और शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई कि यह उनके लापता भाई मुस्तफा का ही शव हो सकता है। पुलिस ने बिना किसी पुख्ता वैज्ञानिक जांच या कड़ाई से शिनाख्त किए बिना, परिजनों की आशंका के आधार पर ही पंचनामा भरकर शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रविवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दुखी परिवार और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पूरे रीति-रिवाज के साथ उस शव का अंतिम संस्कार भी संपन्न करा दिया गया। घर में मातम का माहौल था और रिश्तेदार ढांढस बंधा रहे थे कि तभी कुछ घंटे बाद एक ऐसा चमत्कार हुआ जिसने सबके होश उड़ा दिए। लापता मुस्तफा अचानक खुद मोहल्ला पटेल नगर स्थित अपने घर पहुंच गए। उन्हें अपने सामने साक्षात जीवित खड़ा देख परिवार के लोग चौंक गए और पूरे इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई। परिजनों ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मुस्तफा के जिंदा लौटने के बाद अब कानून और व्यवस्था पर यह बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है कि आखिर पुलिस ने बिना पूरी पड़ताल के किसका पोस्टमार्टम करा दिया और जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया वह वास्तव में कौन था। पुलिस अब नए सिरे से उस अज्ञात मृतक की पहचान करने, उसकी मौत के असली कारणों का पता लगाने और शव उस गड्ढे तक कैसे पहुंचा, इन सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने मामले पर सफाई देते हुए बताया कि शव काफी पुराना और क्षत-विक्षत हो चुका था, जिसके कारण परिजनों ने पहचान को लेकर भूलवश आशंका जताई थी, फिलहाल मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा जांच कराई जा रही है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"




