लखनऊ। प्रदेश में लगातार बढ़ती उत्पादन लागत और गैस की भारी किल्लत के कारण संकट से जूझ रहे उद्योगों को राहत देने के लिए श्रम विभाग ने एक बड़ा और अभूतपूर्व फैसला लिया है। विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक में यह तय किया गया है कि ऊर्जा की खपत को कम करने और उद्योगों को बंद होने से बचाने के लिए अब राज्य में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके साथ ही, सड़कों पर भीड़ और कार्यालयों में बिजली के दबाव को कम करने के लिए सभी दफ्तरों और फैक्ट्रियों को अलग-अलग शिफ्टों में संचालित करने का भी निर्णय लिया गया है।
दरअसल, पिछले कुछ समय से गैस आपूर्ति बाधित होने की वजह से फैक्ट्रियों की उत्पादन लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसके चलते कई कंपनियों पर ताला लटकने की नौबत आ गई है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि उद्योगों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की नौकरियों पर भी सीधा खतरा मंडराने लगा है। इसी संकट को भांपते हुए सरकार ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है ताकि ऊर्जा की बचत भी हो सके और उत्पादन भी पूरी तरह ठप न पड़े। अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों फैसलों से उद्योगों को अपनी परिचालन लागत कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। श्रम विभाग इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जल्द ही एक विस्तृत गाइडलाइन और दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है, जिसमें शिफ्टों के समय और वर्क फ्रॉम होम के नियमों को पूरी तरह स्पष्ट किया जाएगा।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





