लखनऊ एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षा राम भरोसे: रनवे पर पशु-पक्षियों का पहरा, कागजों में दफन हुई जिला प्रशासन की कमेटी

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लखनऊ। राजधानी के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी) पर विमानों के संचालन में पशु-पक्षी लगातार बड़ी बाधा बन रहे हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। हाल ही में लखनऊ से रायपुर जाने वाली एक उड़ान के दौरान रनवे पर अचानक बंदर के आ जाने से पायलट को सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। इस अप्रत्याशित घटना से जहाँ एक तरफ विमान में सवार यात्रियों की सांसें अटक गईं, वहीं दूसरी तरफ उड़ान में भी काफी देरी हुई। यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी रनवे पर आवारा कुत्तों के आ जाने से उड़ानों की आवाजाही कई बार प्रभावित हो चुकी है। चूंकि इस समय एयरपोर्ट का प्रबंधन निजी हाथों (अडानी ग्रुप) में है, इसलिए इन व्यवधानों के कारण होने वाले तकनीकी और भारी-भरकम आर्थिक नुकसान का बोझ भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस संवेदनशील समस्या का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2023 में जिला प्रशासन द्वारा एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। इस विशेष कमेटी का मुख्य काम एयरपोर्ट के आसपास अवैध रूप से संचालित हो रही मांस की दुकानों को हटवाना था, ताकि वहां खुले में फेंकने वाले कचरे की वजह से मांसाहारी पक्षियों का जमावड़ा कम किया जा सके। शुरुआती दौर में कमेटी ने कुछ तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की थी, लेकिन वक्त बीतने के साथ ही यह कमेटी पूरी तरह से सुस्त पड़ गई। नतीजा यह है कि आज एयरपोर्ट के आसपास मांस की दुकानें फिर से धड़ल्ले से फल-फूल रही हैं और पक्षियों का खतरा जस का तस बना हुआ है।

पर्यावरण विशेषज्ञों की मानें तो बंदरों और अन्य जानवरों के रिहायशी इलाकों व एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने की मुख्य वजह उनके प्राकृतिक पर्यावास का संकट है। लखनऊ और इसके आसपास के जिलों में लगातार कट रहे जंगलों के कारण वन्यजीवों के सामने रहने और खानपान का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिसके चलते वे शहरों और इंसानी बस्तियों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। हालांकि, लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने रनवे की निगरानी को पहले से कहीं अधिक कड़ा कर दिया है। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, विशेष रूप से शाम के वक्त और उड़ानों के टेकऑफ व लैंडिंग के समय अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि रनवे पर किसी भी संभावित बाधा को समय रहते हटाया जा सके और यात्रियों की जान को जोखिम में पड़ने से बचाया जा सके। इसके बावजूद, जब तक प्रशासन जमीनी स्तर पर सख्त कदम नहीं उठाता, तब तक हवाई सफर पर मंडराता यह खतरा टलने वाला नहीं है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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