लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश मंत्रिमंडल की विस्तारित बैठक में ऊर्जा संरक्षण, मितव्ययिता और एक नई कार्यसंस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से कई कड़े और प्रेरक निर्देश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को अपनी वाहन फ्लीट में 50 प्रतिशत तक की कटौती करने और सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा या साइकिल जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का सुझाव दिया है ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए। शासन-प्रशासन को संसाधन-संवेदनशील बनाने की कड़ी में सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयरकंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने तथा लिफ्ट का उपयोग आवश्यकतानुसार ही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आगामी छह माह तक मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के विदेश दौरों पर तब तक रोक लगा दी गई है, जब तक कि परिस्थितियां अपरिहार्य न हों।
पर्यावरण और ऊर्जा बचत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग और बैठकों को हाइब्रिड मोड में आयोजित करने की बात कही। उन्होंने 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाने और सौर ऊर्जा के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देते हुए मंत्रियों से उपहार में केवल स्थानीय उत्पादों और ओडीओपी (ODOP) वस्तुओं का उपयोग करने का आग्रह किया है। सामाजिक आयोजनों में भी मितव्ययिता बरतने की सलाह देते हुए उन्होंने घरेलू पर्यटन और स्थानीय स्थलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने, तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता और वर्षा जल संरक्षण को जनांदोलन बनाने की अपील की गई। नवनियुक्त मंत्रियों का परिचय कराते हुए योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों का आचरण ही जनता के लिए सबसे बड़ा संदेश होता है, इसलिए कम समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन और वरिष्ठ मंत्रियों के मार्गदर्शन में प्रभावी कार्यशैली विकसित करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





