सोनभद्र। जिले में बुधवार की शाम आई भीषण आंधी ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। शाम छह बजे के बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे रॉबर्ट्सगंज और पिपरी विद्युत वितरण खंडों में भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में ही 300 से अधिक बिजली के खंभे और पेड़ उखड़कर गिर गए, जिसके कारण दर्जनों गांवों और शहरी इलाकों की आपूर्ति ठप हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि कई घरों के छप्पर और टीनशेड हवा में उड़ गए, जबकि चुर्क क्षेत्र में एक मकान की दीवार गिरने से पास खड़ी बोलेरो गाड़ी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। पेड़ गिरने के कारण प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित रहा, जिससे भीषण जाम की स्थिति बनी रही और राहगीरों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के अनुसार, बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन शाम होते-होते मौसम में आए इस बदलाव ने तबाही के निशान छोड़ दिए। बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज नगर के साथ-साथ हाइडिल कॉलोनी, भटौलिया, लोढ़ी और सलखन जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। विभाग की टीमें रात से ही पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन क्षति इतनी अधिक है कि देर शाम तक कई फीडरों की आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी। पिपरी, बभनी, म्योरपुर और दुद्धी क्षेत्रों में भी बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन फिलहाल नुकसान का आकलन कर रहा है और अवरुद्ध मार्गों को साफ कर बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।





