लखनऊ। राजधानी में जर्जर और बदहाल हो चुकी सरकारी इमारतों व कॉम्प्लेक्सों के दिन जल्द ही बदलने वाले हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 के अंतर्गत शहर की पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों को ध्वस्त कर उनके स्थान पर आधुनिक कॉम्प्लेक्सों का निर्माण करेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आर्किटेक्टों के साथ गहन मंथन शुरू कर दिया है। योजना के क्रियान्वयन की रणनीति तय करने के लिए आगामी सात मई को एक उच्चस्तरीय बैठक भी प्रस्तावित है।
नई पुनर्विकास नीति के तहत किसी भी पुरानी इमारत को तोड़ने से पहले वहां के कम से कम 60 प्रतिशत आवंटियों की सहमति लेना अनिवार्य होगा। इसी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले सभी लक्षित स्थलों का भौतिक सर्वे किया जाएगा और उसके बाद ही डिजाइन व ड्राइंग को अंतिम रूप दिया जाएगा। एलडीए का मानना है कि जिन इमारतों का चयन किया गया है, उनमें से अधिकांश जर्जर होने के साथ-साथ अवैध कब्जों का भी दंश झेल रही हैं, जिन्हें हटाकर वहां बेहतर बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। पूर्व में स्पष्ट नीति न होने के कारण यह कार्य लंबित था, लेकिन अब नई नियमावली के बाद एलडीए ने इसे प्राथमिकता पर लिया है।
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए एलडीए ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सभी संबंधित योजनाओं में आवंटियों से सहमति पत्र एकत्र किए जाएंगे और मौके का सर्वे होगा। विशेष रूप से नंदा खेड़ा कॉम्प्लेक्स के आवंटियों को धनराशि वापस कर उसे एकल भूखंड के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि गोमतीनगर स्थित उजाला मार्केट का भी सर्वे कर उसे एकल व्यावसायिक भूखंड का स्वरूप दिया जाएगा। वहीं, कैलाश कुंज में विशेष कैंप लगाकर आवंटियों को जागरूक कर सहमति ली जाएगी। इसके अलावा तिलक नगर, कंचन मार्केट और पेपर मिल कॉलोनी का निरीक्षण कर वहां के पुनर्विकास पर निर्णय लिया जाएगा।
पुनर्विकास की इस योजना के दायरे में अलीगंज सेक्टर-जी कॉम्प्लेक्स, अयोध्या रोड स्थित कैलाश कुंज, कानपुर रोड सेक्टर-जी स्थित ईडब्ल्यूएस भवन, अवध चौराहा का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, विवेक खंड का उजाला मार्केट, हुसैनगंज का विकास दीप कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और तालकटोरा रोड स्थित नंदखेड़ा कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी प्रमुख इमारतें शामिल हैं। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, यह नीति न केवल बदहाल इमारतों को नया जीवन देगी, बल्कि वहां रहने वाले और व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए भी बेहतर व सुरक्षित परिवेश सुनिश्चित करेगी। इस कदम से शहर के पुराने इलाकों का सौंदर्यीकरण होने के साथ ही सुनियोजित शहरी विकास को भी बल मिलेगा।
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Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





