वाराणसी: विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने बकाया किराया और देय धनराशि की वसूली के लिए सख्त रुख अपनाते हुए शहर के पांच बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है। उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई ने उन आवंटियों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो सालों से नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं कर रहे थे। प्राधिकरण की टीम ने बुधवार को जवाहर लाल नेहरू व्यावसायिक परिसर पहुंचकर इन दुकानों पर तालाबंदी की, जिनके पास लाखों रुपये का बकाया लंबे समय से लंबित था।
काविभागीय जानकारी के अनुसार, सील की गई दुकानों में शिवदेव नारायण राय के नाम आवंटित दुकान संख्या 64-65 पर अकेले 10,16,393 रुपये (अतिरिक्त 18% जीएसटी) का बकाया था। इसी प्रकार, लालता सिंह की दुकान पर 8,14,307 रुपये और प्रकाश चंद्र व उषा देवी की दुकानों पर सम्मिलित रूप से 5,40,302 रुपये की देनदारी पाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन दुकानदारों को पहले भी कई बार चेतावनी और कानूनी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बार-बार की मोहलत के बाद भी बकाया जमा नहीं कराया गया। इसके बाद संपत्ति अधिकारी आनंद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया।
वीडीए ने अब संबंधित आवंटियों को 15 दिनों का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। इस अवधि के भीतर यदि बकाया किराया और विक्रय मूल्य की राशि जमा नहीं की गई, तो आवंटन स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा और इन संपत्तियों को ई-ऑक्शन (ऑनलाइन नीलामी) के माध्यम से नए खरीदारों को बेच दिया जाएगा। उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने चेतावनी दी है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं; प्राधिकरण ने 8 से 10 अन्य ऐसी दुकानों को चिह्नित कर लिया है जिन पर भारी राशि बकाया है और आने वाले दिनों में उन पर भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"




