- राजनीतिक कचरा हटा तो स्वच्छ हुआ यूपी, पिछली सरकारों को पसंद था अंधेरा: सीएम योगी
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने नगर निगम के बेहतर कूड़ा प्रबंधन के लिए हरित ऊर्जा से संचालित 250 इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश की जनता ने ‘राजनीतिक कचरे’ को साफ किया, तभी उत्तर प्रदेश विकास और स्वच्छता की नई ऊंचाइयों पर पहुँच सका।
‘हम सूर्य के उपासक हैं, अंधेरे के नहीं’
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले सत्ताधारी दलों को अंधेरे की संस्कृति पसंद थी क्योंकि “जिनकी आदत डकैती डालने की थी, उनके लिए अंधेरा ही सुविधाजनक था।” उन्होंने कहा, “हम सूर्य के उपासक हैं और लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) को विकास की रोशनी से जगमगा रहे हैं। हमने स्ट्रीट लाइटों की पीली हैलोजन लाइटों को हटाकर पूरे शहर को दूधिया एलईडी रोशनी से कवर किया है।”
सोलर और सेफ सिटी का मॉडल
सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 18 शहरों को सेफ सिटी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा:
- अयोध्या अब पूरी तरह सोलर सिटी बन चुकी है, जहाँ 40 मेगावाट का सोलर प्लांट लगा है।
- प्रदेश में 4.25 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं
- लखनऊ को भी इसी तर्ज पर ‘नेट जीरो’ (न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन) लक्ष्य की ओर ले जाया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग का हब बनेगा लखनऊ
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी मेट्रो संचालन में देश का अग्रणी राज्य है। लखनऊ में अशोक लीलैंड की इलेक्ट्रिक बस यूनिट शुरू होने के बाद, अब 15 अप्रैल से टाटा की ऑटोमोबाइल यूनिट में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सिटी बस सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों में बदला जा रहा है।
बीमारू राज्य की छवि से मिली मुक्ति
मुख्यमंत्री ने पुरानी सरकारों की तुलना गंदगी से करते हुए कहा कि 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोगों के कारनामे भी कूड़े जैसे थे, जिससे यूपी ‘बीमारू’ राज्य बन गया था और मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों से दम तोड़ते थे। आज यूपी बीमारू नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ है और शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की ओर अग्रसर है।
लखनऊ के विकास पर संतोष व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि आज लखनऊ स्वच्छता रैंकिंग में देश के टॉप-3 शहरों में है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए उतारे गए नए इलेक्ट्रिक वाहन हर वार्ड तक पहुँचेंगे, जिससे लखनऊ को ‘क्लीन सिटी और ग्रीन सिटी’ बनाने के संकल्प को मजबूती मिलेगी।





