- प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का खुलासा; महिला समेत तीन गिरफ्तार, सिरसी डैम में फेंकी थी लाश
सोनभद्र। जनपद की घोरावल पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले कुंवर मौर्य की सनसनीखेज हत्या का सफल अनावरण करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक द्वारा आरोपियों के परिवार की लड़कियों पर बुरी नजर रखने, शादी तुड़वाने और लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के प्रतिशोध में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
मृतक कुंवर मौर्य (निवासी चंदौली) प्रॉपर्टी डीलर थे और लालगंज (मिर्जापुर) में रहकर काम करते थे। बीते 22 मार्च 2026 की रात वह घोरावल स्थित अपनी रिश्तेदार लीलावती के घर आए थे, जिसके बाद से वह लापता थे। बाद में उनका शव मिर्ज़ापुर के सिरसी डैम से बरामद किया गया था। इस मामले में मृतक के भाई घासी मौर्या ने घोरावल थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के पर्यवेक्षण में एवं क्षेत्राधिकारी घोरावल राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम ने खुटहा बाईपास के पास से तीन मुख्य आरोपियों को दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नवत हुई है:
1. लीलावती (मृतक की रिश्तेदार)
2. साहब लाल मौर्य लीलावती का पति)
3. चन्द्रशेखर मौर्य उर्फ मखंचू (लीलावती का भांजा) पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्ता लीलावती ने पुलिस को बताया कि कुंवर मौर्य ने उसके भांजे चन्द्रशेखर से जमीन के नाम पर 7 लाख रुपये उधार लिए थे जो वह लौटा नहीं रहा था। इसके अलावा, कुंवर मौर्य ने लीलावती की बेटी सुमन की पहली शादी तुड़वाकर अपने बेटे से करा दी और सुमन के नाम की 15 लाख की जमीन बेचकर पैसे खुद रख लिए।
आरोपियों ने यह भी बताया कि मृतक, लीलावती की बेटी और चन्द्रशेखर की मूक-बधिर बहन पर गलत नजर रखता था, जिससे परिवार में काफी आक्रोश था।
शराब पिलाकर गला घोंटा, फिर डैम में फेंका शव:
घटना वाली रात (22 मार्च) लीलावती ने कुंवर मौर्य को फोन कर घर बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई गई और जब वह सो गया, तब तीनों ने मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपियों ने मृतक के ही कार चालक रोहित को जान से मारने की धमकी देकर शव को कार की डिग्गी में रखवाया और सिरसी डैम ले जाकर पत्थर से बांधकर पानी में फेंक दिया।
पुलिस की बरामदगी
पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त और उनसे संबंधित कुल **05 मोबाइल फोन और 2450 रुपये नगद बरामद किए हैं।
गिरफ्तारी टीम:
इस सफल अनावरण में प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह, उप-निरीक्षक सुनील कुमार, कांस्टेबल योगेश पटेल, हरिश्याम, महिला कांस्टेबल दिव्या त्रिपाठी और चालक शिवमंगल यादव की मुख्य भूमिका रही।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.





