कफ सिरप मामले में ED की कार्रवाई, शुभम जायसवाल, अमित टाटा समेत आरोपियों के 25 ठिकानों पर रेड

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Ajeet Kumar Singh (State Head)

यूपी के चर्चित कफ सिरप कांड में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. 12 दिसंबर की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले से जुड़े 25 ठिकानों पर छापा मारा. ये छापे इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हैं. सुबह साढ़े सात बजे के लगभग ईडी की टीम ने यूपी में वाराणसी, लखनऊ, जौनपुर और सहारनपुर में छापे मारे हैं. वहीं झारखंड के रांची और गुजरात के अहमदाबाद में भी रेड पड़ी है

ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस मामले में एक क्रिमिनल केस दर्ज किया है. यह केस कोडीन युक्त कफ सिरप (CBCS) की गैर-कानूनी मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार और उसके ट्रांसपोर्टेशन की जांच के तहत किया गया है. इस मामले में कफ सिरप की बांग्लादेश में कथित क्रॉस-बॉर्डर स्मगलिंग भी शामिल है. अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि फरार मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके कथित साथियों आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा के साथ-साथ कुछ कफ सिरप मैन्युफैक्चरर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली जा रही है. आरोप है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल ने ही इन लोगों की काली कमाई को ‘ठिकाने’ लगाने में मदद की है. ED अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की काली कमाई शामिल है.

मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर 

इस केस का मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल अभी फरार है. माना जा रहा है कि वह दुबई में छिपा है. वहीं उसके पिता भोला प्रसाद को उत्तर प्रदेश पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. साथ ही शुभम के कथित खास साथी अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. अब तक, राज्य भर में इस गैर-कानूनी धंधे से जुड़े 32 लोगों को हिरासत में लिया गया है. मामले की गंभीरता और जटिलता को देखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस, फाइनेंशियल एजेंसियों और बाकी जांच एजेंसियों के बीच तालमेल को आसान बनाने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है.

Nhs News agency
Author: Nhs News agency

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