आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• 26 चेकडैम, नौ तालाबों का जीर्णोद्धार और नौ एनीकट का होगा निर्माण
• 76 भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग से वर्षा जल संचयन को मिलेगा बढ़ावा
सोनभद्र । वर्षा जल को सहेजने, भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाने और किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जनपद में 120 कार्यों की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें चेकडैम निर्माण से लेकर तालाबों के जीर्णोद्धार, एनीकट निर्माण और रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग तक के कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से जहां वर्षा जल के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।
मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला तकनीकी समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में अधिशासी अभियंता एवं लघु सिंचाई खंड के सचिव ने जल संरक्षण और जल संचयन से संबंधित विभिन्न कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। प्रस्तावित कार्यों के स्थलों के अनुमोदन को लेकर समिति के समक्ष विस्तृत जानकारी रखी गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जनपद के सभी खंड विकास अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया।
प्रस्तुत कार्ययोजना के तहत 26 चेकडैम का निर्माण, नौ तालाबों का जीर्णोद्धार, नौ एनीकट का निर्माण तथा 76 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 120 कार्यों को योजना में शामिल किया गया है। इन कार्यों के माध्यम से बारिश के पानी को संरक्षित कर उसका बेहतर उपयोग करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि चेकडैम, तालाबों और एनीकट के निर्माण एवं जीर्णोद्धार से वर्षा जल का संचयन बढ़ेगा। इससे भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग के जरिए भवनों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को संरक्षित करने पर जोर दिया जाएगा।
बैठक में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को जनपद की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए प्राकृतिक जल संसाधनों के समुचित उपयोग पर बल दिया गया। प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन से सिंचाई संसाधनों के विस्तार और किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई गई।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






