Sonbhadra News : विधान परिषद चुनाव में नहीं चलेगी मनमानी! बाहरी कार्यकर्ताओं को छोड़ना होगा क्षेत्र, बूथों पर भी रहेगी सख्ती

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

• विधानपरिषद चुनाव को लेकर प्रशासन सख्त, बाहरी व्यक्तियों पर रहेगी नजर

• मतदान से 48 घंटे पहले गैर मतदाता राजनीतिक कार्यकर्ताओं को छोड़ना होगा निर्वाचन क्षेत्र

• होटल-लॉज से लेकर सामुदायिक भवनों तक होगी जांच

• मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार पर प्रतिबंध, बूथ लगाने के लिए लिखित अनुमति अनिवार्य

 

सोनभद्र। विधान परिषद निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था सख्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव प्रचार की समयसीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन क्षेत्र में बाहरी राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अभियान से जुड़े लोगों के ठहरने पर नजर रखी जाएगी। होटल, लॉज, अतिथिगृहों और सामुदायिक भवनों में ठहरे व्यक्तियों का सत्यापन कराया जाएगा, वहीं निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं पर जांच चौकियों के माध्यम से वाहनों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जाएगी। मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार, पोस्टर–बैनर और अनियमित गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान को लेकर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

मतदान से 48 घंटे पहले बाहरी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को छोड़ना होगा क्षेत्र –

जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचन का कार्यक्रम जारी किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका अनुपालन अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन अभियान समाप्त होने के बाद ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ता, पार्टी कार्यकर्ता, जुलूस एवं चुनावी अभियान से जुड़े व्यक्ति, जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निवासी नहीं हैं, उन्हें मतदान से 48 घंटे पहले निर्वाचन क्षेत्र छोड़ना होगा। इसके लिए कल्याण मंडपों, सामुदायिक भवनों और अन्य ऐसे परिसरों की जांच कराई जाएगी, जहां बाहरी व्यक्तियों के ठहरने की संभावना है।

होटल, लॉज और अतिथिगृहों में ठहरे व्यक्तियों की सूची का सत्यापन कर उनकी पहचान एवं गतिविधियों पर नियमानुसार निगरानी रखी जाएगी। निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं पर जांच चौकियां स्थापित कर बाहर से आने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी सतर्क नजर रखी जाएगी। व्यक्तियों और समूहों की पहचान का सत्यापन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक हैं या नहीं।

मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार प्रतिबंधित –

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। इस परिधि में चुनाव प्रचार से संबंधित पोस्टर और बैनर लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। निर्वाचन कार्य में तैनात अधिकारियों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों को इस दायरे में मोबाइल फोन और बेतार दूरभाष ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारी एवं अन्य मतदान कार्मिक अपने मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रखेंगे। आवश्यक होने पर वे मतदान केंद्र से बाहर जाकर बात कर सकेंगे। मतदान स्थल पर चिल्लाने या किसी अन्य तरीके से अव्यवस्था उत्पन्न करने की भी अनुमति नहीं होगी। मतदाताओं को दी जाने वाली निर्वाचक पर्चियां सादे सफेद कागज पर होंगी। उन पर किसी अभ्यर्थी या राजनीतिक दल का नाम, चुनाव चिह्न अथवा प्रतीक अंकित नहीं किया जाएगा।

बूथ लगाने के लिए पहले लेनी होगी लिखित अनुमति –

निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केंद्रों के आसपास चुनावी बूथ स्थापित करने के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं। राजनीतिक दलों अथवा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे से बाहर ही बूथ स्थापित करना होगा। यदि एक ही भवन या परिसर में एक से अधिक मतदेय स्थल हैं, तो सभी मतदेय स्थलों के लिए कोई अभ्यर्थी 100 मीटर के बाहर अधिकतम एक बूथ ही स्थापित कर सकेगा।

ऐसे बूथ पर अधिकतम एक मेज और दो कुर्सियां रखी जा सकेंगी। मौसम से बचाव के लिए अधिकतम 10×10 वर्गफुट की छतरी अथवा तिरपाल लगाया जा सकता है, लेकिन कनात या टेंट लगाने की अनुमति नहीं होगी। बूथ स्थापित करने से पहले संबंधित अभ्यर्थी को रिटर्निंग ऑफिसर अथवा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को सूचना देनी होगी। साथ ही जिला पंचायत, नगर पंचायत या नगर पालिका जैसे संबंधित स्थानीय प्राधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। अनुमति की प्रति बूथ पर मौजूद व्यक्तियों के पास होनी चाहिए।

बूथ पर अधिकतम 4×8 वर्गफुट का एक बैनर लगाया जा सकेगा, जिस पर अभ्यर्थी अथवा राजनीतिक दल का नाम और चुनाव चिह्न अंकित होगा।

निर्देशों की अनदेखी पर रहेगी प्रशासन की नजर –

जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने पर जोर दिया।

Anand Kumar Chaubey
Author: Anand Kumar Chaubey

9 years experience in Journalism....

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