करोड़ों की जीएसटी धोखाधड़ी: वाराणसी में सारनाथ पुलिस ने लुधियाना से आए दो शातिर आरोपियों को दबोचा, फर्जी फर्मों और बोगस बिलिंग का बड़ा खुलासा

SHARE:

UP NEWS: वाराणसी में पुलिस ने करोड़ों रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह के खिलाफ शिकंजा कसते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सारनाथ पुलिस ने रविवार की देर रात पुराना आरटीओ तिराहे के पास से रविप्रकाश पाल और विकास गुप्ता को दबोचा। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी पंजाब के लुधियाना से विशेष तौर पर वाराणसी इसलिए आए थे ताकि वे इस मामले में पहले से जेल में बंद अपने साथियों से मुलाकात कर सकें और उनकी कानूनी या अन्य स्तर पर मदद कर सकें। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन की जब बारीकी से जांच की गई, तो उसमें व्हाट्सएप चैट के जरिए फर्जी फर्मों का भारी-भरकम डेटा, बोगस बिलिंग और फर्जी इनवाइस के पुख्ता साक्ष्य हाथ लगे हैं। इसके अलावा मोबाइल से ओटीपी, बैंक खातों के संदेहास्पद लेन-देन और विभिन्न लोगों के पहचान पत्रों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जो इस अंतरराज्यीय ठगी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो जीएसटी विभाग के उपायुक्त अरुणेंद्र प्रसाद ने इस वर्ष 8 अप्रैल को सारनाथ थाने में इस ठगी को लेकर औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि कुछ शातिर तत्वों द्वारा फर्जी जीएसटी फर्मों का सृजन कर, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और अन्य भोले-भाले लोगों की पहचान का दुरुपयोग करके अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया गया, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया गया। इस मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने गत 26 सितंबर को प्रवीन पाल और उमाशंकर दास नामक आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था। इसी कड़ी में पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस करते हुए रविप्रकाश पाल (निवासी पीपल चौक, डाबा, लुधियाना) और विकास गुप्ता (निवासी गैसपुरा लोहरा रोड, डाबा, लुधियाना) को धर दबोचा। डीसीपी वरुणा जोन राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्ध चेहरों की तलाश तेज कर दी गई है तथा जल्द ही इस नेटवर्क के बाकी गुर्गों को भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

Vinod Garg
Author: Vinod Garg

3 years experience in the field of journalism.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Recent

Follow Us Now