सोनभद्र। जिले के राबर्ट्सगंज नगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में सील किए जा चुके ‘सोन डायग्नोस्टिक सेंटर’ में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड किए जाने और उसके बाद मरीज की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल पीसीपीएनडीटी डॉ. गुलाब शंकर यादव की तहरीर पर सेंटर के प्रबंधक श्रीकांत मिश्रा और चिकित्सक डॉ. एमके वार्ष्णेय के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसीएमओ ने पुलिस को सौंपी गई तहरीर में आरोप लगाया कि जांच के दौरान यह सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया था, जिसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर 17 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे मौके पर सील कर दिया था। इसके बावजूद 26 सितंबर को नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए सेंटर के भीतर रुकमणी नामक महिला मरीज का अल्ट्रासाउंड किया गया और डॉ. एमके वार्ष्णेय के नाम से रिपोर्ट भी जारी कर दी गई, जिसमें पित्त की थैली में पथरी बताई गई थी।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर 29 सितंबर को उरमौरा स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और बनारस रेफर किए जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया था, जिसके बाद पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली थी। एसीएमओ डॉ. गुलाब शंकर ने स्पष्ट किया कि सील किए गए गैर-पंजीकृत सेंटर में दोबारा अल्ट्रासाउंड का संचालन करना पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की औपचारिक तहरीर के आधार पर आरोपी संचालक और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
Author: Harsh Vardhan
9 years experience in the field of journalism.






