आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब ओबरा थाना क्षेत्र स्थित बजरंग स्टोन वर्क्स की खदान में टिपर पलटने और उसके नीचे मजदूर के दबकर मौत होने की सूचना तेजी से फैल गई। खनन क्षेत्र से निकली यह खबर देखते ही देखते पूरे ओबरा नगर में चर्चा का विषय बन गई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ, वहीं मीडिया कर्मी भी पूरे दिन घटना की वास्तविकता जानने में जुटे रहे। हालांकि जांच-पड़ताल के बाद खदान में किसी हादसे अथवा मजदूर की मौत की पुष्टि नहीं हो सकी।
बताया जाता है कि मंगलवार सुबह खनन क्षेत्र में एक टिपर पलटने और उसके नीचे मजदूर के दबने की सूचना सामने आई थी। कुछ ही देर में यह सूचना इतनी तेजी से प्रसारित हुई कि खदान में हादसे और मजदूर की मौत की चर्चाएं शुरू हो गईं। सूचना मिलने के बाद मीडिया कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाने का प्रयास किया और संबंधित लोगों से संपर्क कर इसकी पुष्टि करनी चाही, लेकिन कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ओबरा तहसीलदार और नवनियुक्त थाना प्रभारी प्रणय प्रसून श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने खदान परिसर का जायजा लेने के साथ वहां मौजूद कर्मचारियों और संबंधित लोगों से जानकारी ली। पड़ताल के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की दुर्घटना या मजदूर की मौत की घटना से इनकार किया।
अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करने के बाद खनन पट्टाधारक और अन्य संबंधित लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, पुलिस-प्रशासन और मीडिया कर्मियों को काफी देर तक इस कथित हादसे की वास्तविकता तलाशनी पड़ी। अंततः घटना की पुष्टि नहीं होने पर इसे अफवाह करार दिया गया।
“खनन क्षेत्र जैसी संवेदनशील जगह पर हादसे की खबर का इस तरह तेजी से फैलना कई सवाल भी छोड़ गया है। यदि घटना हुई ही नहीं थी तो इतनी गंभीर सूचना आखिर कहां से और किस आधार पर प्रसारित हुई, इसकी पड़ताल भी जरूरी है। वहीं, ऐसी अफवाहों से न केवल खनन संचालकों और श्रमिकों में अनावश्यक दहशत पैदा होती है, बल्कि पुलिस-प्रशासन को भी संसाधन लगाकर सूचना की सत्यता जांचनी पड़ती है।”





