आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र। मेडिकल कॉलेज सोनभद्र परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब संविदा पर तैनात सफाई कर्मचारियों ने वेतन और बकाया भुगतान की मांग को लेकर काम बंद कर दिया। करीब 40 से 50 सफाई कर्मचारी एल-2 अस्पताल के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों ने नई कंपनी पर वेतन को लेकर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुसार भुगतान किए जाने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि वर्ष 2022 में पिछली कंपनी ने सफाई व्यवस्था का टेंडर लिया था। उस दौरान उन्हें करीब 7,835 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा था। कर्मचारियों के मुताबिक पिछली कंपनी का करीब दो माह का वेतन अभी भी बकाया है। अब करीब पांच दिन पहले नई कंपनी ने काम संभाला है, लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि अभी तक अटेंडेंस और वेतन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
पांच प्रतिशत बढ़ोत्तरी की बात पर कर्मचारियों में दिखी नाराजगी –
सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि नई कंपनी की ओर से करीब 8,500 रुपये से अधिक वेतन देने पर सहमति नहीं जताई जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार उन्हें बताया गया कि पिछली कंपनी द्वारा दिए जा रहे वेतन में महज पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इससे उनका वेतन करीब 8,300 से 8,500 रुपये के आसपास ही पहुंचता है।
कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की ओर से नई कंपनी के आने के बाद 10 से 11 हजार रुपये से कम वेतन नहीं होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब पांच प्रतिशत बढ़ोतरी की बात सामने आने से कर्मचारियों में नाराजगी है।
सुपरवाइजर पर दुर्व्यवहार का भी आरोप –
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने नई कंपनी के सुपरवाइजर पर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि वेतन और बकाया भुगतान की समस्या का समाधान किए बिना उन पर काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि पहले उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए, इसके बाद ही वे काम पर लौटेंगे।
11 हजार वेतन, महंगाई भत्ता और बकाया भुगतान की मांग –
सफाई कर्मचारियों ने कम से कम 11 हजार रुपये मासिक वेतन, महंगाई भत्ता और पिछली कंपनी का बकाया वेतन दिलाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका काम पर लौटना मुश्किल है।
उधर, सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से वार्ता कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए गतिरोध समाप्त कर सफाई व्यवस्था को सामान्य कराया जाए।
इस दौरान शिवकुमारी, दिनेश, गौरव, लवकुश, भरत, अशोक, रामनारायण, आशा, विमला, राजकुमारी, विवेक, अरुण, मुन्नी सहित बड़ी संख्या में सफाईकर्मी मौजूद रहे।






