काशी के नमो घाट पर खूनी खेल: सोनभद्र के युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या, सुरक्षा एजेंसी संचालक समेत पांच गिरफ्तार, सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

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वाराणसी/सोनभद्र। धर्मनगरी काशी के सुप्रसिद्ध और आधुनिक पर्यटन स्थल नमो घाट पर देर रात हुए एक खूनी संघर्ष ने देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। सोनभद्र जनपद के रायपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खलियारी गांव से अपने दोस्तों के साथ वाराणसी आए एक 19 वर्षीय युवक राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू की मामूली विवाद में घाट पर तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों ने लाठी, डंडों, बेल्ट और लोहे की रॉड से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जानलेवा हमले में मृतक के चार अन्य साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे कमिश्नरेट पुलिस महकमे और स्मार्ट सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद आदमपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स सिक्योरिटी के संचालक सहित पांच मुख्य आरोपियों को राजघाट के पास से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल अन्य फरार सुरक्षाकर्मियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनभद्र के खलियारी निवासी सब्जी विक्रेता बद्रीनारायण जायसवाल का पुत्र राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू अपने साथी शिव जायसवाल, अक्षय गुप्ता, अंगद जायसवाल और रजनीश शाह के साथ शनिवार की रात करीब आठ बजे किराये की कार से वाराणसी के लिए निकला था। दरअसल, उनके एक दोस्त रोहित की बहन और जीजा ट्रेन से वाराणसी आ रहे थे, जिन्हें लेने के लिए यह लोग निकले थे और ट्रेन लेट होने के कारण समय काटने के उद्देश्य से देर रात करीब तीन बजे सभी दोस्त नमो घाट घूमने और गंगा स्नान करने पहुंच गए। आरोप है कि गेट नंबर-1 पर तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों ने घाट बंद होने की बात कहते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और उनके साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज व दुर्व्यवहार करने लगे। जब राजेश और उसके दोस्तों ने इस बदसलूकी का विरोध किया और वहां से वापस शहर की तरफ लौटने लगे, तभी करीब 12 की संख्या में निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने लगभग दस मिनट तक उन पर लोहे की रॉड और बेल्ट बरसाई, जिससे सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण राजेश अचेत होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा। अपने दोस्त को मरणासन्न हालत में देख डरा-सहमा अक्षय गुप्ता किसी तरह जान बचाकर भागा और बसंत महिला पीजी कॉलेज मोड़ के पास पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी आपबीती सुनाई। जब पिकेट पुलिस मौके पर पहुंची तो हमलावर सुरक्षाकर्मी वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। इसके बाद दोस्त ही लहूलुहान राजेश को ऑटो में लादकर मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायल दोस्तों का प्राथमिक उपचार किया गया।

इस खौफनाक वारदात के बाद वाराणसी पर्यटन और घाट प्रबंधन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि नमो घाट की सुरक्षा संभाल रही बाबा विश्वनाथ सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक अनुज सिंह ने बिना किसी कागजी अनुमति, पुलिस वेरिफिकेशन और चरित्र सत्यापन के इन सुरक्षाकर्मियों को अवैध रूप से नौकरी पर रखा था। एक तरह से घाट पर तैनात ये सभी सुरक्षाकर्मी पूरी तरह फर्जी थे, जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं था। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि मुख्य अभियुक्त पवन यादव व सूरज यादव (निवासी भिसौड़ी, मुगलसराय), मनीष यादव (निवासी चोलापुर, वाराणसी), राहुल यादव (निवासी अदलहाट, मिर्जापुर) और एजेंसी संचालक अनुज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस फर्जी सिक्योरिटी एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए पुलिस आयुक्त को पत्र लिख दिया गया है। वहीं, स्मार्ट सिटी की पीआरओ शाकंभरी के अनुसार, मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी ने कार्यदायी संस्था ‘रोबस्ट’ के संचालक पुनीत मित्तल से 24 घंटे के भीतर इस गंभीर चूक पर स्पष्टीकरण और गार्डों का क्राइम रिकॉर्ड तलब किया है।

सोनभद्र में मृतक राजेश के बड़े पिता के दसवें के संस्कार के दिन आई इस दुखद खबर से पूरे खलियारी गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नमो घाट, जिसे वाराणसी का एक सुरक्षित और प्रमुख मॉडल पर्यटन स्थल माना जाता है, वहां इस तरह की अराजकता और गुंडागर्दी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी 4 दिसंबर 2025 को नाविकों के दो गुटों में हिंसक मारपीट हुई थी, जबकि 21 मार्च 2026 को दबंग नाविकों ने घाट के मैनेजर मनीष सिंह की पिटाई कर उनका हाथ तोड़ दिया था। इसके बाद 27 मार्च और 30 मार्च 2026 को भी जबरन जेटी खोलने और महिलाओं से मारपीट की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों का कहना है कि घाट का संचालन करने वाली आरके वैदिक कंपनी और सुरक्षा संभाल रही बाबा सिक्योरिटी सर्विस गैर-प्रशिक्षित और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से ड्यूटी करा रही हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील और अंतरराष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल पर निजी बाउंसरों और फर्जी गार्डों के भरोसे सुरक्षा छोड़ने के बजाय पुलिस की स्थाई पिकेट और चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दोबारा किसी मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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