लखनऊ। उत्तर प्रदेश में करीब एक हफ्ते पहले योगी मंत्रिमंडल में शामिल किए गए और पदोन्नति पाए नए मंत्रियों को अपने विभागों का प्रभार हासिल करने के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। अमूमन शपथ ग्रहण के तुरंत बाद होने वाला विभागों का बंटवारा इस बार केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व के बीच आम सहमति न बन पाने के कारण अधर में लटक गया है। अंदरूनी सूत्रों की मानें तो अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से स्वदेश वापसी के बाद ही हस्तक्षेप के जरिए कोई बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। हालांकि, सोमवार को रायपुर में आयोजित होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक और मुलाकात की संभावना जताई जा रही है, जिससे कयासों का बाजार गर्म है। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेंगे।
राजनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, बीते 10 मई को हुए बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही मलाईदार और रसूखदार विभागों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हुई लंबी मैराथन बैठक के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि मंत्रियों के विभागों की घोषणा शुक्रवार तक कर दी जाएगी, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण और मलाईदार विभागों पर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी। अब इस पूरे मामले पर नए सिरे से विमर्श होना तय हुआ है। चूंकि गृह मंत्री अमित शाह रविवार से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर व्यस्त हैं और प्रधानमंत्री का विदेश दौरा चल रहा है, जो 20 मई को वापस भारत लौटेंगे, ऐसे में अब साफ हो गया है कि 20 मई के बाद ही विभागों के बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला तैयार हो सकेगा।
इस सियासी रस्साकशी का सीधा असर संगठन और निगमों की नियुक्तियों पर भी पड़ा है। पहले से तय रणनीति के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार के तत्काल बाद विभिन्न निगमों और बोर्डों के खाली पदों को भरने के साथ-साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम की घोषणा की जानी थी। इसके लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक व्यापक विमर्श के बाद बकायदा एक अंतिम सूची भी तैयार कर ली गई थी, जिसमें दर्जा प्राप्त मंत्रियों के नाम भी फाइनल थे। लेकिन जैसे ही मंत्रियों के विभागों के बंटवारे का मामला अटका, पूर्व योजना के विपरीत हाईकमान के निर्देश पर निगम-बोर्डों में होने वाली नियुक्तियों और प्रदेश भाजपा की नई टीम की घोषणा को भी ऐन वक्त पर टाल दिया गया। अब संगठन से लेकर सरकार तक की सभी सूचियों की अंतिम मुहर प्रधानमंत्री की वापसी और शीर्ष नेतृत्व की हरी झंडी के बाद ही लग पाएगी, जिसने नए मंत्रियों और दावेदार नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





