सोनभद्र। कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी बी०एन० सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीमा कंपनी और संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उनकी फसल क्षति का मुआवजा हर हाल में अधिकतम 10 कार्य दिवस के भीतर मिल जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से क्षतिपूर्ति दिलाने में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि खरीफ 2025 के लिए जिले के 19,080 किसानों ने बीमा कराया था, जिनमें से 6,425 किसानों के खातों में 826.98 लाख रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। हालांकि, तकनीकी कारणों और आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के चलते करीब 151 लाख रुपये की धनराशि अब भी लंबित है, जिसे जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप कृषि निदेशक ने बताया कि असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों से कुल 11,483 आवेदन मिले थे, जिनमें से 8,432 पात्र पाए गए और उन्हें भुगतान कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने सर्वे में देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त लहजे में कहा कि यदि समय पर सर्वे कार्य पूरा नहीं हुआ, तो सभी 4,764 लंबित दावों का भुगतान सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने किसानों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 14447 का व्यापक प्रचार करने को कहा, ताकि किसान 72 घंटे के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। इसके अलावा, खरीफ 2026 के लिए बैंक प्रबंधकों को अधिक से अधिक केसीसी धारक किसानों को जोड़ने और बीमा कंपनी को ग्राम पंचायत स्तर पर किसान पाठशाला, पंपलेट और बाइक रैली के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि सोनभद्र का कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।





