कानपुर: बाबूपुरवा थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए एक पूर्व बैंक कर्मचारी को सात दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और उनसे 11.21 लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली। किदवईनगर एम-ब्लॉक निवासी पीड़ित राजेश कुमार शुक्ला, जो पहले एक कोऑपरेटिव बैंक में कार्यरत थे, उन्हें शातिरों ने 24 घंटे वीडियो कॉल के जरिए अपनी निगरानी में रखा। ठगों ने राजेश को इस कदर डरा दिया था कि उन्होंने डर के मारे किसी को इस बारे में भनक तक नहीं लगने दी। पुलिस अब कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए इन शातिर जालसाजों के गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
ठगी का यह सिलसिला 6 अप्रैल को तब शुरू हुआ जब पीड़ित के मोबाइल पर बीएसएनएल अधिकारी बनकर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने दावा किया कि राजेश के नाम पर पंजीकृत चार सिम कार्डों का उपयोग हवाला कारोबार के लेनदेन में किया जा रहा है और वे जल्द ही जेल जा सकते हैं। अगले दिन, एक अन्य शातिर ने बांद्रा क्राइम ब्रांच का फर्जी एसीपी ‘वीरेंद्र’ बनकर व्हाट्सएप कॉल की। राजेश को विश्वास दिलाने के लिए बकायदा फर्जी एफआईआर की कॉपी और डिजिटल गिरफ्तारी का झूठा आदेश भेजा गया। वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहनकर दफ्तर जैसे सेटअप में बैठा नजर आया, जिससे राजेश पूरी तरह घबरा गए और ठगों के चंगुल में फंस गए।
डिजिटल गिरफ्तारी के दौरान ठगों ने राजेश को किसी से भी बात करने से मना कर दिया और उनके बैंक खातों में जमा रकम को ‘हवाला का पैसा’ बताकर जांच के नाम पर ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। आरोपियों ने वादा किया कि जांच के बाद 13 अप्रैल तक पैसा वापस कर दिया जाएगा। भयभीत होकर पीड़ित ने 9 अप्रैल को 10.23 लाख रुपये एक खाते में भेजे और 11 अप्रैल को गूगल-पे के माध्यम से 98 हजार रुपये और ट्रांसफर कर दिए। तय तारीख बीतने के बाद जब आरोपियों के फोन बंद आने लगे, तब राजेश को ठगी का अहसास हुआ। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, बाबूपुरवा कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





