- तस्करी की काली कमाई से संचालित शुभम सिंडिकेट की चार शराब दुकानें सीज
वाराणसी: कफ सिरप तस्करी के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के नेटवर्क पर प्रशासन ने अपना शिकंजा और कस दिया है। शनिवार की रात आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट से जुड़ी अंग्रेजी शराब की चार दुकानों को सीज कर दिया। जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद जिला आबकारी आयुक्त कमल कुमार शुक्ला और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में कज्जाकपुरा, लहरतारा, खोजवा और परेड कोठी स्थित दुकानों पर छापेमारी कर उन्हें बंद कराया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इन दुकानों का लाइसेंस भले ही महिलाओं के नाम पर था, लेकिन इनका वास्तविक नियंत्रण और संचालन पर्दे के पीछे से एक संगठित अपराधी समूह द्वारा किया जा रहा था। कज्जाकपुरा की दुकान का उदाहरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि यह लाइसेंस उषा देवी के नाम पर था, किंतु जांच में इसमें किसी अन्य व्यक्ति की सक्रिय संलिप्तता पाई गई। एसआईटी की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि भगोड़े शुभम जायसवाल ने अपनी अवैध कमाई को वैध बनाने के उद्देश्य से अपने करीबियों और उनके परिजनों के नाम पर ई-लॉटरी के जरिए इन शराब ठेकों को हासिल किया था।
इस सिंडिकेट के विस्तृत जाल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कज्जाकपुरा में ऊषा देवी, लहरतारा में शिवांगी, खोजवां में राधिका, परेडकोठी में बबिता सिंह, शाहवाबाद में रेखा देवी और माधोपुर में शुभम की पत्नी वैशाली के नाम से दुकानें आवंटित कराई गई थीं। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पांच दिन पहले ही सिंडिकेट से जुड़ी पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था। शनिवार की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों और तस्करी के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। प्रशासन अब इस सिंडिकेट के अन्य बेनामी निवेशों की भी गहराई से जांच कर रहा
है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





