कफ सिरप तस्करी: शुभम और रवि ने बुना था रिश्तेदारों का ‘जाल’, फर्जी फर्मों के जरिए खपा रहे थे नशे की खेप

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सोनभद्र: कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के काले कारोबार को लेकर एसआईटी (विशेष जांच दल) की तफ्तीश में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट का सरगना शुभम अपने बेहद करीबी निशांत कुमार गुप्ता उर्फ रवि के साथ मिलकर ‘रिश्तेदारों का गिरोह’ चला रहा था। रवि ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपने ममेरे भाइयों, सत्यम और विजय के नाम पर सोनभद्र के बरकरा तालाब इलाके में फर्जी दवा फर्म खुलवाई थी। इतना ही नहीं, भदोही में अपने ही कुनबे के एक व्यक्ति के नाम पर दवा फर्म का लाइसेंस हासिल कर तस्करी के इस खेल को अंजाम दिया जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क में वित्तीय लेन-देन को छिपाने के लिए शुभम के मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 10 लाख रुपये का एक संदिग्ध ट्रांजैक्शन भी पाया गया है।

पुलिस और एसआईटी की जांच के अनुसार, यह गिरोह कागजों पर तो कफ सिरप की आपूर्ति सोनभद्र में दिखाता था, लेकिन हकीकत में रांची से चली खेप सोनभद्र पहुंचने के बजाय सीधे पश्चिम बंगाल और वहां से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बांग्लादेश भेज दी जाती थी। इस फर्जी परिवहन को रिकॉर्ड में सही दिखाने के लिए भदोही के चांदनी चौक स्थित ठिकानों का इस्तेमाल किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक वर्मा ने रवि पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और उसके विदेश भागने की आशंका के चलते लुक आउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है। रवि के भदोही स्थित आवास पर कुर्की की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है, और अब पुलिस उस पर शिकंजा कसने के लिए दबिश दे रही है।

तस्करी के इस बड़े नेटवर्क की पोल तब खुली जब पुलिस ने 7,53,000 शीशी कफ सिरप की तस्करी के मामले में सत्यम, विजय और शैली ट्रेडर्स के मालिक भोला प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जांच आगे बढ़ी तो शुभम और रवि के तार भदोही, आजमगढ़ से लेकर रांची और बंगाल तक जुड़े मिले। हाल ही में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने रवि की अग्रिम जमानत अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि प्रथम दृष्टया उसकी संलिप्तता के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। बचाव पक्ष की इस दलील को कोर्ट ने दरकिनार कर दिया कि पारिवारिक विवाद के कारण उसे फंसाया गया है। फिलहाल, एसआईटी इस आपराधिक नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

Nhs News agency
Author: Nhs News agency

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