उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन भीहै तहत वर्ष 2018 में भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के मामले आर्थिक अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सात अभ्यर्थी व एक निजी कंपनी का कर्मचारी है। कोर्ट में पेश होने के बाद आरोपी जेल भेजे गए। मामले में सरकारी कर्मचारी व अधिकारी भी आरोपी हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए ईओडब्ल्यू ने शासन से अनुमति मांगी है।
वर्ष 2018 में आयोग ने ग्राम विकास अधिकारी, समाज कल्याण पर्यवेक्षक एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के 1953 पदों भर्ती परीक्षा कराई थी। परीक्षा की कार्यदायी संस्था टीसीएस लिमिटेड थी। भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप लगे थे। जिसके बाद शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू ने जांच की थी। वर्ष 2021 में विभूतिखंड थाने में केस दर्ज कराया था। फिर ये केस एसआईटी थाने में पंजीकृत हुआ था।
ईओडब्ल्यू के अफसर के मुताबिक मामले में अभ्यर्थी अरुण कुमार, कर्मवीर, अंकुश यादव, अमर सिंह, उमेश चन्द्र, अमन कुमार व एसआरएन डाटा क्रिएट सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट प्रोग्रामर उमेश पाल को गिरफ्तार किया गया था। मामले में पहले ही 20 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। अब तक कुल 27 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।





