सोनभद्र/म्योरपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर के ठीक सामने बिना वैध पंजीकरण के धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे एक डेंटल क्लीनिक और चार पैथोलॉजी सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सभी को सील कर दिया। इस अचानक की गई कार्रवाई से अवैध रूप से क्लीनिक और जांच केंद्र चलाने वालों में हड़कंप मच गया। पंजीयन के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. गुलाब शंकर के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थानीय थाने के भारी पुलिस बल के साथ दोपहर बाद इस औचक जांच अभियान की शुरुआत की। टीम ने सीएचसी के आसपास स्थित विभिन्न मेडिकल स्टोरों, पैथोलॉजी सेंटरों और क्लीनिकों के दस्तावेजों की गहन पड़ताल की, जिसमें सिंह पैथोलॉजी, आरके पैथोलॉजी, कुमार पैथोलॉजी और रियल पैथोलॉजी पूरी तरह से बिना पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। इसके साथ ही, ‘सोनभद्र डेंटल’ के नाम से चल रहे क्लीनिक के पास भी संचालन से संबंधित कोई वैध पंजीकरण नहीं मिला। अनियमितता और अवैध संचालन मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से सभी पांचों प्रतिष्ठानों पर ताला लगाकर उन्हें सील कर दिया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान आसपास संचालित तीन अन्य मेडिकल स्टोरों के दस्तावेज और पंजीकरण पूरी तरह वैध पाए गए। नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी क्लीनिक और पैथोलॉजी केंद्रों के संचालकों से जब पंजीकरण से जुड़े कागजात मांगे गए, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके और विभागीय रिकॉर्ड से मिलान करने पर भी उनका कोई पंजीयन नहीं पाया गया। सभी पांचों संचालकों को आधिकारिक तौर पर नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं और साथ ही यह कड़ी चेतावनी भी दी गई है कि यदि बिना पंजीकरण के दोबारा इनका संचालन पाया गया तो संबंधित संचालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध चिकित्सा और जांच केंद्रों के खिलाफ जिले के अन्य क्षेत्रों में भी यह सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
Author: Harsh Vardhan
9 years experience in the field of journalism.






