- परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डीएम चर्चित गौड़ सख्त, दिए दिशा-निर्देश
सोनभद्र। जिले में स्थित परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढाँचे की स्थिति और निर्माणाधीन विकास कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। बैठक के दौरान डीएम ने कड़े रुख में स्पष्ट किया कि विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं को लंबित रखना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समयबद्ध व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के शिक्षकों के साथ निरंतर संवाद कायम रखें और विद्यालयों की धरातलीय स्थिति, जरूरतों तथा समस्याओं की वास्तविक जानकारी प्राप्त कर उनका त्वरित निस्तारण कराएं। उन्होंने शिक्षकों से भी आह्वान किया कि यदि विद्यालय परिसर में किसी सुविधा की कमी या अन्य कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो उसे अपने स्तर पर दबाकर रखने के बजाय तुरंत उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाएं ताकि ससमय आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बच्चों एवं अध्यापकों के सुरक्षित तथा सुगम आवागमन को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग बताते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों तक पहुँचने के रास्ते बदहाल हैं, वहाँ संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर मार्ग निर्माण एवं मरम्मत की कार्रवाई पूरी करें।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) फंड के माध्यम से विद्यालयों में कराए जा रहे बुनियादी विकास व निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष गंभीरता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और कहा कि केवल कागजों पर काम की पूर्णता दिखाना स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि धरातल पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और उसकी उपयोगिता स्पष्ट दिखनी चाहिए। विद्युतीकरण की समीक्षा के दौरान डीएम ने बिजली की सुविधा से वंचित विद्यालयों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि पेयजल, शौचालय, बिजली और पहुंच मार्ग जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के अभाव में बच्चों की पढ़ाई कतई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। ब्लॉक, तहसील और जनपद स्तर पर मजबूत समन्वय स्थापित कर समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने और जिले के सरकारी स्कूलों में सुरक्षित तथा प्रेरणादायक शैक्षणिक माहौल तैयार करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।





