36 करोड़ के नाली निर्माण में धांधली का आरोप: जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा बोले- ’40 मिनट की बारिश ने खोली विकास की पोल, हो निष्पक्ष जांच’

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रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र की एक अति आवश्यक बैठक व्यापारिक नेता राजेश जायसवाल के आवास पर आहूत की गई, जिसमें नगर में गहराती जलभराव की समस्या और आधारभूत ढाँचे पर गंभीर चर्चा की गई। संगठन के पदाधिकारियों और वक्ताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नगर में करोड़ों की लागत से हुए नाला निर्माण का मुख्य उद्देश्य जनता व व्यापारियों को जलभराव से मुक्ति दिलाना था, लेकिन भारी-भरकम धनराशि खर्च होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। बीते 16 अगस्त की रात्रि महज 40 मिनट की सामान्य बारिश में पूरा शहर जलमग्न हो गया। गलियों से लेकर लोगों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पानी घुस गया, जिससे आम जनजीवन और व्यापार पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

बैठक को संबोधित करते हुए व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि जिला मुख्यालय पर लगभग 36 करोड़ रुपये की लागत से 13 किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन पहली ही बारिश ने इसकी उपयोगिता और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी अल्प अवधि की बारिश में यदि शहर डूब जाता है, तो यह सोचने को मजबूर करता है कि करोड़ों रुपये का सार्वजनिक धन आखिर कहाँ खर्च हुआ। यह निर्माण जनता के लिए पूरी तरह ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहा है। नाले में सुचारू जल निकासी न होने के कारण हाल ही में बनी नई सड़कें भी पानी से जलमग्न होकर उखड़ने लगी हैं और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं।

जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने परियोजना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2020 की इस योजना को पिछले साल जून 2025 में आनन-फानन में शुरू किया गया था। इस धांधली के खिलाफ व्यापार संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 4 जुलाई 2025 को सीएनडीएस के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर डीपीआर की गड़बड़ियों से अवगत कराया था, परंतु प्रशासन ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद जनपद भ्रमण पर आए पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष को भी ज्ञापन देकर अवगत कराया गया था, फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि संबंधित विभाग नाला निर्माण की तकनीकी स्वीकृति की समीक्षा करे, गुणवत्ता व वास्तविक क्षमता का निष्पक्ष स्थलीय परीक्षण कराए और यह स्पष्ट करे कि निर्माण से पूर्व क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का अध्ययन हुआ था या नहीं। उन्होंने नगर के लिए टुकड़ों में काम करने के बजाय एक समग्र व वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान बनाने की पुरजोर वकालत की। बैठक में मुख्य रूप से प्रितपाल सिंह, राजेश जायसवाल, जसकीरत सिंह, प्रशांत जैन, राजू जायसवाल, शरद जायसवाल, सिद्धार्थ सांवरिया, सूर्या जायसवाल, अभिषेक साहू, अभिषेक केसरी, गुरप्रीत सिंह, दीप सिंह पटेल, नागेंद्र मोदनवाल, पंकज कनोडिया, प्रदीप जायसवाल, अमित अग्रवाल, टीपू अली, यशपाल सिंह व मंटू केसरी सहित कई प्रमुख व्यापारी उपस्थित रहे।

NAV HIND SAMACHAR
Author: NAV HIND SAMACHAR

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