चंदौली: पड़ाव-भोजपुर मार्ग पर बीते सप्ताह एक व्यापारिक फर्म के मुनीब से दिनदहाड़े हुई 1.34 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का चंदौली पुलिस ने बेहद पेशेवर तरीके से पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने महंगे शौक पूरे करने और जल्द से जल्द अमीर बनने के लालच में अपराध की राह पर चले चार सगे छात्रों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरी साजिश में शामिल दो अन्य मुख्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। पकड़े गए शातिर छात्रों के कब्जे से पुलिस ने लूट के 60 हजार रुपये नकद, वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें, चार मोबाइल फोन और पीड़ित से छीना गया बैग बरामद कर लिया है। एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी युवक विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्र हैं, लेकिन अपनी विलासितापूर्ण जिंदगी की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन्होंने मिलकर इस खतरनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच और पूछताछ में यह साफ हुआ है कि इस बड़ी लूट को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने कई दिनों तक मुनीब के आने-जाने वाले रास्तों की रेकी की थी, जिसके लिए एक अंदरूनी सूत्र ने उन्हें मुनीब के वसूली के समय और नकद रकम की पूरी सटीक जानकारी उपलब्ध कराई थी।
मुगलसराय थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वाराणसी के जुगुल टोला मछोदरी निवासी पीड़ित महताब अहमद अपनी फर्म के बकाए धन की वसूली के लिए पड़ाव से भोजपुर क्षेत्र के विभिन्न दुकानदारों के पास गए थे। दिनभर की वसूली के बाद उनके बैग में कुल 1.34 लाख रुपये की नकदी जमा हो चुकी थी। दोपहर के वक्त जब वह अपनी मोपेड से वापस लौट रहे थे, तभी ग्राम चौरहट के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच बदमाशों ने उनकी मोपेड को पीछे से जोरदार टक्कर मारकर गिरा दिया और पलक झपकते ही रुपयों से भरा बैग छीनकर रफूचक्कर हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मुगलसराय पुलिस, एसओजी, सर्विलांस और साइबर सेल की एक संयुक्त विशेष टीम गठित की गई। अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने पड़ाव से लेकर भोजपुर के बीच करीब 25 किलोमीटर के लंबे दायरे में लगे 70 से अधिक सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इन फुटेजों से मिले तकनीकी साक्ष्यों, संदिग्धों की मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने चौरहट स्थित ओ.पी. गार्डेन के सामने घेराबंदी करके चारों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान सीर गोवर्धन निवासी आर्यन श्रीवास्तव, महमूरगंज निवासी शिवांग पाण्डेय, कैमूर (बिहार) निवासी मोहम्मद तारिक अंसारी उर्फ आर्यन और ढेलाबीर टिकरी निवासी देव सरकार उर्फ दयाल के रूप में हुई है, जो सभी वाराणसी क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उनके साथी आकाश यादव ने इस पूरी वारदात की मुखबिरी की थी। आकाश खुद भी बाजार में वसूली का काम करता है, इसलिए उसे अच्छी तरह पता था कि उक्त कंपनी का मुनीब प्रत्येक गुरुवार को पड़ाव क्षेत्र में दुकानदारों से मोटी रकम वसूलता है। इसी अंदरूनी सूचना का फायदा उठाकर आकाश ने अपने साथी हरीश पाण्डेय और अन्य लड़कों के साथ मिलकर लूट का पूरा मास्टर प्लान तैयार किया। घटना के दिन इन लोगों ने मुनीब का लगातार पीछा किया और सुनसान मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया। बैग में मिली 1.34 लाख रुपये की रकम को इन छह आरोपियों ने आपस में बराबर बांट लिया था, जिसमें से कुछ पैसे इन्होंने मौज-मस्ती में खर्च भी कर दिए। वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से फेंका गया पीड़ित का बैग भी पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया है। पीड़ित महताब अहमद ने खुद थाने पहुंचकर पकड़े गए आरोपियों और उनकी बाइकों की अकाट्य पहचान की है। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से एक, देव सरकार उर्फ दयाल का पहले से ही आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ वाराणसी के भेलूपुर थाने में मारपीट व धमकी देने का मुकदमा दर्ज है। यह शातिर गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ने से ठीक पहले एक और बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। फिलहाल फरार चल रहे मास्टरमाइंड आकाश यादव और हरीश पाण्डेय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
Author: Vinod Garg
2 years experience in the field of journalism.





