हर्षवर्धन, सोनभद्र। शासन की प्राथमिकताओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में शनिवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जनसुनवाई कक्ष में जनपद के सभी आलाधिकारियों के साथ एक हाईलेवल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सीएम डैशबोर्ड पर संचालित विभिन्न योजनाओं, जनशिकायतों और विकास कार्यों की प्रगति की बिंदुवार गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी के कड़े तेवर देखने को मिले। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को हिदायत दी कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही या लेती-लतीफी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विभाग पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करना सुनिश्चित करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ की प्रगति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने योजना के तहत अब तक प्राप्त हुए आवेदनों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र और पारदर्शी निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें, ताकि लोन और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण कोई भी पात्र आवेदक इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि यह सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी जनकल्याणकारी योजना है, जिससे आम जनता को सीधे तौर पर बिजली बिलों से राहत मिलनी है, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही मिलने पर संबंधित पटल और अधिकारी के खिलाफ सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके साथ ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को मजबूती देने वाले स्वयं सहायता समूहों (SHG) के गठन की स्थिति को भी परखा। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की महामहत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ के तहत चल रहे पाइपलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की भौतिक प्रगति की जानकारी ली। बैठक में ‘फैमिली आईडी’ (एक परिवार, एक पहचान) कार्ड बनाने की गति और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले पोषाहार वितरण प्रणाली की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि कागजी आंकड़ों के बजाय धरातल पर काम दिखना चाहिए और शासन द्वारा तय किए गए मासिक एवं वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप सभी विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
इस महत्वपूर्ण और समीक्षात्मक बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतपाल वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, उपायुक्त स्वतः रोजगार (डीसी मनरेगा) रविंद्र वीर सिंह सहित अन्य सभी जनपद स्तरीय और विकास कार्यों से जुड़े मुख्य अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को आगाह किया कि वे अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट को निरंतर अपडेट रखें, क्योंकि सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग सीधे तौर पर उनकी कार्यकुशलता से जुड़ी है, जिसमें किसी भी प्रकार की गिरावट आने पर सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
Author: Vinod Garg
2 years experience in the field of journalism.





