‘क्या खाक बीजेपी नेता हो…’: पत्नी के ताने से झल्लाए भाजपा नेता ने बिजली उपकेंद्र पर जड़ा ताला, 15 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

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चंदौली। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच जारी अघोषित बिजली कटौती अब न सिर्फ आम जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है, बल्कि नेताओं के घरेलू जीवन में भी कलह की वजह बनने लगी है। चंदौली जिले के बबुरी क्षेत्र से एक ऐसा ही बेहद अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है, जो इस समय पूरे प्रदेश में सुर्खियों में बना हुआ है। लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान होकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष और व्यापार मंडल के जिला मंत्री महेंद्र सेठ ने बबुरी विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर वहां ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा नेता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी ही सरकार के एक जनप्रतिनिधि को फोन पर अपनी आपबीती सुनाते हुए बेहद झल्लाए हुए लहजे में कह रहे हैं कि बिजली कटौती के कारण उनकी पत्नी ने उन्हें घर से निकाल दिया है और ताना मार रही है कि “क्या खाक भाजपा नेता हो, जब अपने घर को बिजली ही नहीं दिला पा रहे हो।”

दरअसल, बबुरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले काफी समय से बिजली की भारी किल्लत बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भीषण गर्मी के इस मौसम में पूरी-पूरी रात बिजली गायब रहती है, जिससे लोगों की रातों की नींद उड़ चुकी है। इन्वर्टर पूरी तरह ठप हो गए हैं और सुबह पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसी अघोषित कटौती से त्रस्त होकर बीती 21 मई की रात करीब 120 की संख्या में उग्र ग्रामीण और स्थानीय व्यापारी बबुरी विद्युत उपकेंद्र पर धावा बोलने पहुंच गए। ग्रामीणों के इस गुस्से में घी डालने का काम भाजपा नेता महेंद्र सेठ की पत्नी के तानों ने किया। अपनी पत्नी के गुस्से और तानों से तंग आकर महेंद्र सेठ भी रात में ही ग्रामीणों के साथ उपकेंद्र पहुंच गए और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला लटका दिया।

भाजपा नेता के नेतृत्व में ग्रामीणों का यह अनूठा प्रदर्शन पूरी रात से लेकर अगले दिन तक यानी करीब 15 घंटे तक लगातार चलता रहा। सत्ताधारी दल के नेता द्वारा खुद बिजली घर पर ताला जड़ने की खबर से प्रशासनिक अमले और बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को बढ़ता देख विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) सहित भारी पुलिस बल और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण और भाजपा नेता लिखित आश्वासन पर अड़ गए। आखिरकार, अधीक्षण अभियंता द्वारा बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और रोस्टर के अनुरूप नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ही ग्रामीणों ने सब्र किया और उपकेंद्र का ताला खोलकर धरना समाप्त किया।

इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुआ महेंद्र सेठ का वीडियो क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में वह फोन पर कह रहे हैं कि पत्नी की नाराजगी और तीखे तानों के कारण ही वे रात के अंधेरे में बिजली घर पर ताला बंद करने को मजबूर हुए, क्योंकि जनता और परिवार दोनों ही उनसे सत्ता में होने के नाते सवाल पूछ रहे हैं। हालांकि, इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन अब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने का दावा कर रहा है, लेकिन इस घटना ने प्रदेश में गहराए बिजली संकट और उसके कारण जनता व जनप्रतिनिधियों के बीच पैदा हो रहे भारी असंतोष को पूरी तरह उजागर कर दिया है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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