रायबरेली। लोकसभा चुनाव के बाद भी रायबरेली की धरती पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक कड़वाहट और जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। बड़े नेताओं पर की जा रही तीखी टिप्पणियों को लेकर दोनों दलों के बीच रार अब पुलिस थाने तक पहुंच चुकी है। भाजपा नेताओं द्वारा की गई शिकायत के अगले ही दिन शनिवार को कांग्रेसियों ने भी मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश के नेता प्रतिपक्ष व स्थानीय सांसद राहुल गांधी, उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर अभद्र व मर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए योगी सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ सदर कोतवाली में तहरीर देकर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से सांसद राहुल गांधी का गला दबाने जैसी गंभीर धमकी दी है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
सदर कोतवाली पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी, पार्टी नेता सुशील पासी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र विक्रम सिंह सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों ने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा। पुलिस को दी गई इस तहरीर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने आरोप लगाया है कि बीती 20 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी मर्यादाओं को लांघते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ‘गद्दार’ और ‘विदेशी एजेंट’ कहा। इतना ही नहीं, उन्होंने देश के लिए शहादत देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के खिलाफ भी बेहद अपशब्दों का प्रयोग किया। तहरीर में सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि दिनेश प्रताप सिंह ने भरे मंच से धमकी भरे लहजे में कहा कि ‘अगर मैं रायबरेली में होता तो राहुल गांधी का गला दबा देता’। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा दी गई इस तरह की आपराधिक धमकी और अमर्यादित भाषा से देश भर के कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता मानसिक रूप से आहत हुई है, इसलिए मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर मंत्री को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
इस पूरे मामले पर सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह का कहना है कि कांग्रेस की तरफ से तहरीर प्राप्त हुई है और पुलिस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही है, जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, रायबरेली का यह सियासी उवाल अचानक पैदा नहीं हुआ है, बल्कि इसकी पटकथा एक दिन पहले ही लिख दी गई थी जब शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धीलाल पासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को कथित रूप से ‘गद्दार’ कहने के मामले में सांसद राहुल गांधी के खिलाफ इसी सदर कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। भाजपा की इस घेराबंदी के चौबीस घंटे के भीतर ही कांग्रेस ने भी सीधे सरकार के मंत्री को निशाने पर लेते हुए पलटवार कर दिया है। दोनों ही प्रमुख दलों द्वारा एक-दूसरे के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ थानों में तहरीर दिए जाने के बाद से जिले का सियासी तापमान सातवें आसमान पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से तीखी बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





