वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के आंबेडकर छात्रावास में मंगलवार दोपहर रैगिंग और आपसी वर्चस्व को लेकर जूनियर और सीनियर छात्र गुटों के बीच जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई। इस संघर्ष में दो छात्रों को चोटें आईं, वहीं परिसर में असलहा लहराने के आरोपों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विवाद की शुरुआत पिछले कुछ दिनों से जूनियर छात्रों द्वारा लगाए जा रहे उत्पीड़न के आरोपों से हुई। जूनियरों का दावा है कि सीनियर छात्र लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे और प्रशासन से शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी तनाव के बीच मंगलवार को जूनियर छात्रों ने बाहरी साथियों को परिसर में बुला लिया, जिसके बाद करीब 70 छात्र आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पूरा छात्रावास क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही सिगरा पुलिस और विद्यापीठ चौकी की टीम मौके पर पहुंची। छात्रों के आक्रोश और भारी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी देख उपद्रवी छात्र मौके से भाग निकले। हालांकि, छात्रों ने पुलिस के सामने यह गंभीर आरोप लगाया कि संघर्ष के दौरान कुछ दबंग छात्रों ने असलहा भी लहराया, जिसे पुलिस प्रशासन ने फिलहाल निराधार बताया है। सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है और विश्वविद्यालय प्रशासन को उपद्रवी छात्रों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भी पूर्व में काशी विद्यापीठ में होने वाली ऐसी अराजक घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जता चुके हैं और पुलिस को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद छात्रों के बीच आपसी सुलह-समझौते की बात सामने आई है, लेकिन भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए पुलिस को लिखित जानकारी दी जा रही है। वर्तमान में पुलिस सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फुटेज के जरिए उन छात्रों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने पत्थरबाजी कर परिसर का माहौल बिगाड़ा। फिलहाल थाने में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन कैंपस में एहतियातन सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





