पूर्वांचल में मौसम का कहर: आंधी-बारिश से बलिया में पीपा पुल टूटा, पूर्वांचल के तीन जिलों में पांच की मौत

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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और विंध्य मंडल में बुधवार दोपहर मौसम ने ऐसा तांडव मचाया कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। वाराणसी, आजमगढ़ और आसपास के जिलों में आई भीषण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में गाजीपुर, वाराणसी और चंदौली में दीवार व पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कुल पांच लोगों की जान चली गई। पश्चिमी विक्षोभ और नम पुरवा हवाओं के मेल से बने इस तंत्र के चलते वाराणसी में हवाओं की गति 109 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जिसने शहर के बुनियादी ढांचे को झकझोर कर रख दिया।

गाजीपुर जिले में मौसम सबसे घातक साबित हुआ, जहाँ पेड़ गिरने से बकराबाद के 70 वर्षीय रामदरश की मौत हो गई, जबकि दीवार गिरने की घटनाओं में 19 वर्षीय दीपक और नसीरपुर की एक किशोरी ने दम तोड़ दिया। वाराणसी में भी दीवार गिरने से 68 वर्षीय सूखी खान की मृत्यु हो गई, वहीं चंदौली के इनायतपुर गांव में पेड़ की डाल गिरने से आंगन में खड़े लालू राम की जान चली गई। बलिया जिले में भी एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ गंगा नदी पर बना एक किलोमीटर लंबा माल्देपुर पीपा पुल आंधी के वेग से तीन हिस्सों में टूट गया। इस दौरान पुल पर एक महिला समेत पांच लोग फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने स्टीमर और नाविकों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

मौसम के इस रौद्र रूप ने आर्थिक नुकसान भी भारी पहुंचाया है। पूर्वांचल के जिलों में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे जमींदोज हो गए और कई किलोमीटर तक तार टूटने से घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। शादी-ब्याह के मौसम के बीच टेंट, छप्पर, टिनशेड और सोलर पैनल ताश के पत्तों की तरह उड़ गए। वाराणसी, गाजीपुर और भदोही में जमकर ओले गिरे, जिससे फसलों को भी नुकसान पहुँचा है। मऊ में धूल भरी आंधी के बाद बारिश हुई, वहीं मिर्जापुर और भदोही में तेज हवाओं ने पेड़ों की डालियां तोड़ डालीं। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय नम पुरवा हवाओं के कारण अगले दो-तीन दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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