- चेक बाउंस मामले में दो भाइयों को 1.5 साल की जेल, कोर्ट ने लगाया 40 लाख का जुर्माना
मिर्जापुर। जनपद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने चेक बाउंस और धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दो सगे भाइयों, दिनेश सिंह और निलेश सिंह को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दोनों पर कुल 40 लाख रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड भी लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कटरा कोतवाली क्षेत्र के सबरी निवासी राजेश्वर सिंह ने दिनेश कुमार सिंह को 25 लाख रुपये उधार दिए थे। जब राजेश्वर ने अपने पैसे वापस मांगे, तो दिनेश ने उन्हें चेक थमा दिया। बैंक में लगाने पर वह चेक बाउंस हो गया।
राजेश्वर सिंह का आरोप है कि चेक बाउंस होने के बाद भी लगभग एक साल तक उनसे टाल-मटोल किया गया और पैसे वापस नहीं मिले। थक-हारकर पीड़ित ने कटरा कोतवाली में धोखाधड़ी की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई।
न्यायालय का सख्त रुख
मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद निम्नलिखित आदेश दिए:
- सजा: दोषी दोनों भाइयों को 1.5 वर्ष (18 माह) के कारावास की सजा।
- जुर्माना: कुल 40 लाख रुपये का जुर्माना।
- पीड़ित को मुआवजा: कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 39 लाख रुपये परिवादी राजेश्वर सिंह को दिए जाएं।
- अतिरिक्त सजा: जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
महत्वपूर्ण बिंदु
“यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो आर्थिक लेनदेन में धोखाधड़ी करते हैं। कोर्ट ने न केवल सजा सुनाई, बल्कि पीड़ित के आर्थिक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने के लिए जुर्माने का बड़ा हिस्सा उसे देने का आदेश दिया है।”
Author: Vinod Garg
2 years experience in the field of journalism.





