लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत और आफत दोनों की भविष्यवाणी की है। ईरान के पास सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
तापमान में आएगी गिरावट
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, इस मौसमी हलचल से पूरे प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सोमवार को जहां प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे थे, वहीं अब बादलों की आवाजाही से लोगों को लू और चुभती गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इन जिलों में ओलावृष्टि और आंधी का खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- पश्चिमी यूपी: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर।
- ब्रज और बुंदेलखंड: अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर।
- अन्य क्षेत्र: इटावा और औरैया समेत आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी और ओले गिरने की संभावना है।
बीते 24 घंटे: बांदा रहा सबसे गर्म
सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।
- बांदा: 41.4°C (प्रदेश में सबसे गर्म)
- प्रयागराज: 40.5°C
- वाराणसी: 39.9°C
- कानपुर व अमेठी: 38.8°C
- राजधानी लखनऊ का हाल
लखनऊ में भी सोमवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, लेकिन मंगलवार से यहाँ भी बादलों का डेरा रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, राजधानी में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे बढ़ते पारे पर लगाम लगेगी।
विशेषज्ञ की राय: मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव केवल अल्पकालिक है। 1 अप्रैल से मौसम दोबारा शुष्क होना शुरू हो जाएगा और तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। किसानों को सलाह दी गई है कि ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए कटी हुई फसलों का उचित प्रबंधन कर लें।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"






